फांसी के फंदे पर 'दहेज दानवों' की क्रूरता,नवविवाहिता की संदिग्ध मौत ने खड़े किए गंभीर सवाल,प्रशासन की निष्पक्षता दांव पर
Junaid Khan - शहडोल। सिंहपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत उधिया गाँव में 22 वर्षीय नवविवाहिता शुभि यादव का शव फांसी के फंदे पर झुलसता मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। यह महज एक आत्महत्या का मामला नहीं, बल्कि इसके पीछे दहेज लोभियों की सोची-समझी क्रूरता और प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली को हिला देने वाली बड़ी साजिश की बू आ रही है। मृतका के मायके पक्ष ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है, जिसे छिपाने के लिए शव को फंदे से लटका दिया गया। विवाह के महज कुछ समय बाद ही एक हंसती-खेलती बेटी का इस तरह संदिग्ध परिस्थितियों में दुनिया से चले जाना, हमारे समाज के उस काले चेहरे को उजागर करता है जहां आज भी 'बुलेट' जैसी भौतिक चीजों के लिए बेटियों की बलि चढ़ा दी जाती है। इस घटना ने एक बार फिर स्थानीय पुलिस और कानून व्यवस्था को खुली चुनौती दी है कि क्या वे रसूखदारों के दबाव से मुक्त होकर पीड़ित परिवार को न्याय दिला पाएंगे?
बुलेट की मांग पूरी न होने पर प्रताड़ना की पराकाष्ठा, नाक-मुंह से बहता खून बयां कर रहा है खौफनाक मंजर
घटनाक्रम के अनुसार, पचगांव निवासी शुभि यादव (22) का विवाह 7 अप्रैल 2025 को उधिया निवासी धर्मेंद्र यादव के साथ पूरे रीति-रिवाज से संपन्न हुआ था। लेकिन मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल वालों की नीयत डोल गई और उन्होंने बुलेट मोटरसाइकिल की मांग को लेकर शुभि को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। मृतका के चाचा रामप्रताप यादव ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शुभि को लगातार धमकियां दी जा रही थीं कि 'अगर जल्द ही बुलेट नहीं मिली तो बड़ी घटना हो जाएगी।' आखिरकार वही हुआ जिसका डर था गुरुवार को शुभि का शव उसकी ससुराल में संदिग्ध हालत में लटका मिला। सबसे बड़ा संशय मृतका के नाक और मुंह से निकलते खून ने पैदा किया है, जो आमतौर पर सामान्य फांसी के मामलों में नहीं देखा जाता। यह साफ इशारा करता है कि फंदे पर लटकाने से पहले शुभि के साथ भारी बर्बरता की गई होगी, जिसे दबाने के लिए अब 'पेट दर्द' और 'खेत जाने' जैसी मनगढ़ंत कहानियां गढ़ी जा रही हैं।
राजपत्रित अधिकारी करेंगे जांच: पुलिस के इकबाल की परीक्षा, एफएसएल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी नजरें
इस संवेदनशील मामले में सिंहपुर थाना प्रभारी आशीष झरिया के मुताबिक मर्ग कायम कर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। चूंकि मामला नवविवाहिता की मौत से जुड़ा है, इसलिए नियमानुसार इसकी विस्तृत और गहन जांच एक राजपत्रित अधिकारी (Gazetted Officer) द्वारा की जाएगी। मौके पर पहुंची एफएसएल (FSL) की फॉरेंसिक टीम और डॉक्टरों के पैनल ने साक्ष्य जुटाए हैं, लेकिन असली चुनौती यह है कि इन साक्ष्यों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो। शुक्रवार को हुए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और निष्पक्षता से कार्रवाई करता है। क्या पुलिस आरोपियों के रसूख के आगे घुटने टेकेगी या फिर इस अवैध और अमानवीय कृत्य को अंजाम देने वाले 'दहेज दानवों' को सलाखों के पीछे भेजकर समाज में एक कड़ा संदेश देगी? पूरा संभाग अब इस निष्पक्ष जांच और कार्रवाई के इंतजार में प्रशासन की ओर टकटकी लगाए देख रहा है।
