75 लाख के बाद अब दिनदहाड़े 8 लाख की डकैती,सुलग रहे सवाल,आखिर किसके संरक्षण में फल-फूल रहा है वारदातों का यह 'अवैध सिंडिकेट'?
Junaid Khan - शहडोल। जिले का जैतपुर थाना क्षेत्र इन दिनों अपराधियों और शातिर चोरों का महफूज ठिकाना बन चुका है। कानून-व्यवस्था पूरी तरह वेंटिलेटर पर है और पुलिस की गश्त सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है। अभी कोटरी गांव में एक सेवानिवृत्त शिक्षक के सूने मकान से हुई लगभग 75 लाख रुपये की सनसनीखेज चोरी का सुराग पुलिस ढूंढ भी नहीं पाई थी कि बेखौफ चोरों ने पुलिसिया इकबाल को ठेंगा दिखाते हुए एक और बड़ी वारदात को अंजाम दे डाला। इस बार निशाना बना बदौडी गांव, जहां दिनदहाड़े एक सूने मकान का ताला चटकाकर चोरों ने करीब 08 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात और बर्तनों पर साफ हाथ कर दिया। महज एक सप्ताह के भीतर हुई इन दो बड़ी वारदातों ने न सिर्फ खाकी की मुस्तैदी की पोल खोल दी है, बल्कि यह भी साफ कर दिया है कि इलाके में सक्रिय इस अवैध सिंडिकेट और अपराधियों के हौसले आसमान पर हैं, जिन्हें अब न तो कानून का खौफ है और न ही वर्दी का डर।
तबीयत खराब होने पर अस्पताल गई थी महिला,पीछे से खंगाल डाला पूरा घर
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, बदौडी गांव की निवासी तारावती सिंह शुक्रवार की सुबह करीब 10 बजे अपनी तबीयत खराब होने के कारण अपने देवर के साथ इलाज कराने शहडोल अस्पताल गई थीं। चूंकि उनके पति बाहर रहते हैं, इसलिए घर पूरी तरह सूना था। इसी का फायदा उठाकर घात लगाए बैठे शातिर चोरों ने दिनदहाड़े घर के मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर भीतर प्रवेश किया। शाम को जब पीड़िता वापस लौटीं, तो नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। घर का पूरा सामान बिखरा पड़ा था, अलमारी और पेटियों के ताले टूटे हुए थे। पीड़िता के मुताबिक, चोरों ने घर के भीतर रखे करीब दो तोला सोने के जेवर, लगभग दो किलो चांदी के आभूषण और पीतल व फूल के करीब 15 नग कीमती बर्तन पार कर दिए। चोरी गए कुल सामान की कीमत करीब 8 लाख रुपये आंकी जा रही है। घनी आबादी के बीच, दिन के उजाले में हुई इस दुस्साहसिक वारदात ने ग्रामीणों को दहशत और गहरे आक्रोश में धकेल दिया है।
शिकायत के बाद भी नहीं पहुंची पुलिस; थाना प्रभारी का वही रटा-रटाया 'जांच का राग'
इस पूरे मामले में सबसे शर्मनाक और गंभीर पहलू पुलिस का वो अमानवीय और गैर-जिम्मेदाराना रवैया है, जो जनता के विश्वास को तार-तार कर रहा है। पीड़ित महिला ने शुक्रवार की रात ही जैतपुर थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई और लिखित शिकायत दर्ज कराई। लेकिन हद तो तब हो गई जब शनिवार सुबह तक पुलिस की कोई भी टीम घटनास्थल का निरीक्षण करने या साक्ष्य जुटाने नहीं पहुंची। पुलिस की इस घोर लापरवाही और सुस्ती को लेकर अब ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि क्षेत्र में लगातार चोरी और अवैध गतिविधियों का ग्राफ बढ़ रहा है, लेकिन पुलिस न तो रात्रि गश्त बढ़ा रही है और न ही पुराने मामलों का खुलासा कर पा रही है। जब इस संबंध में थाना प्रभारी जेपी शर्मा से बात की गई, तो उनका वही पुराना, रटा-रटाया बयान सामने आया कि "सूचना मिली है, जांच करके कार्रवाई की जाएगी।" सवाल यह उठता है कि आखिर यह 'जांच' कब पूरी होगी? क्या पुलिस किसी और बड़ी वारदात का इंतजार कर रही है, या फिर अपराधियों को अंदरूनी अभयदान मिला हुआ है? प्रशासन को अब इन सुलगते सवालों का जवाब देना ही होगा।
