जीएनएस फायनेंशियल सर्विस प्रा0लि0 कंपनी द्वारा किया गया वित्तीय फ्रॉड

आयुक्त ने सेवा निवृत्त सेवकों से सुरक्षित एवं अधिकृत वित्तीय संस्थानों में ही पूंजी निवेश करने की दी सलाह


Junaid Khan - शहडोल। 09 जून 2026- शहडोल जिले में जीएनएस फायनेंशियल सर्विस प्रा0लि0 द्वारा हाथी डोल धनपुरी, सरई कापा निवासी संतोष वर्मन पिता श्री गुलाब बर्मन से 10 लाख रूपए का निवेश मोतीलाल ओसवाल फर्म मुम्बई मेें लगाने को बोलकर तीन लाख स्वयं की बनाई पीएससी एफडी में लगा दिया गया, विजय पाल ने धोके से मेरे चेकबुक में धनराशि 07 लाख भरकर, मोतीलाल जी ने 3 लाख अपनी बनाई कम्पनी में लगा दिया, कंपनी बुढ़ार थाना अंतर्गत बैंफ ऑफ बड़ौदा के ऊपर किराए के मकान में स्थित है। कंपनी के एजेन्ट सुखनन्दन यादव, सरोज यादव, मुकेश यादव, विजय पाल एवं मोहम्मद अमीम द्वारा जानकारी दी गई थी की 10 लाख रूपए निवेश पर 10 हजार रूपए महीना व्याज मिलेगा तथा कम्पनी में निवेशित राशि 05 वर्ष में दोगुनी हो जाएगी। इसी तरह मोहन सिंह पिता स्वर्गी रामप्रसाद सिंह, उम्र 61 वर्ष करकटी रोड गोपालपुर से भी 30 लाख रूपए निवेश पर 30 हजार रूपए महीना व्याज कंपनी में 01 नौकरी 15 हजार रूपए की तथा निवेशित राशि 05 वर्ष में दोगुना हो जाएगी कहकर राशि जमा करा ली। 1.6 वर्ष बाद जरूरत पर निवेश राशि लेने कंपनी कार्यालय जाने पर कहा गया कि पैसा नहीं मिलेगा सब डूब गया है। यहां आकर अपना और हमारा समय खराब न करें। आयुक्त शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता ने दोनों प्रकरणों को गम्भीरता से लेते हुए संतोष बर्मन पिता री गुलाब बर्मन का प्रकरण कलेक्टर शहडोल को तथा मोहन सिंह पिता स्वर्गीय राम प्रसाद सिंह का प्रकरण उप पुलिस महा निरीक्षक शहडोल जोन को जांच के लिए प्रेषित किया है। कमिश्नर शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता ने कहा कि कमिश्नर कार्यालय शहडोल में प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाली साप्ताहिक जनसुनवाई में अक्सर धोखाधड़ी से संबंधित प्रकरण प्राप्त होते हैं, जिनमें आम नागरिकों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है। उन्होंनेे कहा कि कुछ असामाजिक तत्व के लोगों को नौकरी दिलाने, ऋण स्वीकृत कराने, आर्थिक लाभ दिलाने अथवा अन्य प्रकार के प्रलोभन देकर ठगी का शिकार बनाते हैं। ऐसे में नागरिक किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा दी जा रही जानकारी या आश्वासन पर बिना सत्यापन विश्वास न करें। उन्होंने शहडोल संभाग के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त प्रतीत होता है अथवा किसी प्रकार का प्रलोभन देकर धन या दस्तावेज मांगता है, तो इसकी सूचना तत्काल निकटतम पुलिस थाने अथवा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दें। कमिश्नर ने कहा कि आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी अथवा अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तिगत दस्तावेज किसी भी अनजान व्यक्ति को उपलब्ध न कराएं। थोड़ी सी असावधानी आर्थिक एवं सामाजिक नुकसान का कारण बन सकती है। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे स्वयं भी जागरूक रहें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी साइबर एवं अन्य प्रकार की धोखाधड़ी से बचाव के प्रति जागरूक करें। आयुक्त ने सेवा निवृत्त होने वाले सेवकों को सलाह दी है कि वे अपनी राशि का सुरक्षित वित्तीय संस्थानों में राष्ट्रीयकृत बैंकों, पोस्ट ऑफिस आदि संस्थाओं में ही करें। लालच में आकर ऐसी संस्थाओं में पूंजी निवेश नहीं करें जो समय से पहले एफडी में दोगुना राशि देने तथा अन्य वित्तीय लाभ देने का वायदा करते हैं और फ्राड करके राशि का गवन करते हैं।

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