विंध्य के भगीरथ,विकास, सुशासन और संवेदना के नए मानक तय करते उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल

सादगी,दूरदर्शिता और जन-विश्वास के बल पर मध्यप्रदेश की प्रगति को दे रहे नई ऊँचाइयाँ 


Junaid Khan - शहडोल। भोपाल, रीवा,राजनीति जब जनसेवा, सुशासन और मानवीय मूल्यों से जुड़ती है, तो वह केवल सत्ता का माध्यम न रहकर परिवर्तन की सशक्त संवाहक बन जाती है। मध्यप्रदेश के उप-मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल का सार्वजनिक जीवन इसी विचार का सजीव प्रमाण है। लगातार पाँच बार विधानसभा चुनाव जीतकर जनता का अटूट विश्वास हासिल करने वाले श्री शुक्ल ने रीवा और संपूर्ण विंध्य अंचल को विकास के राष्ट्रीय व वैश्विक मानचित्र पर स्थापित किया है। सादगी में शक्ति और स्पष्टता में विश्वास रखने वाले राजेन्द्र शुक्ल केवल एक जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि प्रशासनिक अनुशासन और जन-संवेदना के अनूठे संगम हैं। 'अटल ज्योति अभियान' से प्रदेश को रोशन करने से लेकर रीवा में एशिया के विशालतम सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना तक, और सफेद बाघ की उसकी प्राकृतिक धरा पर वापसी कराने जैसे दूरदर्शी निर्णयों ने यह सिद्ध किया है कि उनके लिए विकास का अर्थ केवल संरचनाएँ खड़ा करना नहीं, बल्कि परंपरा, पर्यावरण और जनभावनाओं का सम्मान करना भी है। आज विंध्य अंचल यदि रेल, सड़क और सीधे हवाई मार्ग से देश के महानगरों से जुड़ चुका है, तो इसका श्रेय उनकी अडिग इच्छाशक्ति और दूरगामी सोच को जाता है। रीवा एयरपोर्ट के शुभारंभ के साथ ही 'हवाई चप्पल से हवाई जहाज तक' के सपने को साकार करते हुए दिल्ली, इंदौर और रायपुर जैसी कनेक्टिविटी सुनिश्चित की गई है। शिक्षा और संस्कृति के संवर्धन हेतु संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना, युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, बीहर नदी पर मनमोहक रिवर फ्रंट और बसामन मामा गौ-अभयारण्य जैसे मॉडल उनकी सांस्कृतिक और पर्यावरणीय संवेदनशीलता को दर्शाते हैं। जनसंपर्क, ऊर्जा, खनिज और उद्योग जैसे प्रमुख विभागों के सफल संचालन के बाद अब उपमुख्यमंत्री के रूप में वे प्रदेश को 'विकसित भारत' के संकल्प से जोड़ने में ऐतिहासिक भूमिका निभा रहे हैं। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री के रूप में श्री राजेन्द्र शुक्ल ने जनस्वास्थ्य सेवाओं को "मानवीय करुणा के विस्तार" के रूप में पुनर्परिभाषित किया है। उनके नेतृत्व में प्रदेश भर के शासकीय मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटों की रिकॉर्ड वृद्धि, जिला अस्पतालों का उन्नयन और डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। 'पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा' जैसी त्वरित और आधुनिक पहल ने गंभीर मरीजों के लिए जीवनदायिनी संजीवनी का काम किया है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा और नवजात देखभाल इकाइयों (SNCU) के सुदृढ़ीकरण से राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली में नया विश्वास जगा है। 3 अगस्त को उनके जन्म-दिवस के अवसर पर संपूर्ण प्रदेश उनके स्वस्थ, दीर्घायु और तेजस्वी नेतृत्व की मंगलकामना कर रहा है, ताकि जनसेवा और सुशासन का यह स्वर्णिम सफर निरंतर आगे बढ़ता रहे।

Previous Post Next Post