सुनहरी रेत का काला खेल, घूनघटी चौकी क्षेत्र में रात के अंधेरे में फल-फूल रहा अवैध कारोबार
Junaid Khan - शहडोल। उमरिया जिले के घूनघटी चौकी अंतर्गत बकेली-बलवई शहडोल जिले का सीमावर्ती क्षेत्र में इन दिनों अवैध रेत कारोबार का बड़ा अड्डा बनता जा रहा है। सूत्रों की मानें तो यहां सुनहरी रेत के नाम पर हर रात काले कारोबार की गूंज सुनाई देती है। आरोप है कि बिजौरी के यादव बंधु खुलेआम अवैध उत्खनन कर प्रशासनिक नियमों को ठेंगा दिखा रहे हैं और पूरे खेल को संरक्षण देने के लिए मोटी रकम का लेन-देन भी हो रहा है। बताया जा रहा है कि विजय और अमन नामक कथित संरक्षणकर्ताओं के सहारे यह पूरा नेटवर्क संचालित हो रहा है। आरोप यह भी हैं कि प्रति डग्गी ₹10,000 प्रतिमाह तक का नजराना थाना स्तर तक पहुंचाया जाता है, जिसके बाद अवैध रेत से भरे वाहन बेखौफ होकर रातभर सड़कों पर दौड़ते नजर आते हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जैसे ही शाम ढलती है, नदी-नालों के किनारे मशीनों और डग्गियों की आवाजें गूंजने लगती हैं। रात के अंधेरे में सुनहरी रेत का यह काला कारोबार तेजी से परवान चढ़ता है। सूत्रों के अनुसार, प्रत्येक डग्गी प्रतिदिन 4 से 5 ट्रिप मार रही है, जिससे शासन को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अवैध उत्खनन के कारण क्षेत्र की सड़कों की हालत बिगड़ चुकी है, नदी का प्राकृतिक स्वरूप प्रभावित हो रहा है और पर्यावरणीय संतुलन पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से आमजन परेशान हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इतने बड़े स्तर पर चल रहे अवैध रेत कारोबार की भनक प्रशासन और खनिज विभाग को क्यों नहीं लग रही. क्या यह पूरा खेल संरक्षण और सांठगांठ के दम पर संचालित हो रहा है। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक एवं खनिज विभाग से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध उत्खनन में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि शासन को हो रहे राजस्व नुकसान पर रोक लग सके और क्षेत्र में कानून का राज कायम हो।
