अध्यक्ष राकेश सिंह बघेल ने मुख्य न्यायमूर्ति को लिखा पत्र, पुराने पोर्च को गिराकर नया निर्माण कराने की मांग
Junaid Khan - शहडोल। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय शहडोल के पुराने भवन का जर्जर पोर्च अब न्यायालय परिसर में आने वाले अधिवक्ताओं,पक्षकारों एवं आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। पोर्च के नीचे से लगातार प्लास्टर गिरने, गहरी दरारें पड़ने एवं संरचना के कमजोर होने से किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका व्यक्त की जा रही है। जिला अधिवक्ता संघ शहडोल के अध्यक्ष राकेश सिंह बघेल ने इस गंभीर मामले को लेकर माननीय मुख्य न्यायमूर्ति, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर को विस्तृत पत्र प्रेषित कर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि उक्त पोर्च वर्षों पुराना होने के साथ-साथ तकनीकी रूप से भी दोषपूर्ण है। पोर्च का ढलान गलत दिशा में निर्मित होने के कारण वर्षा जल की समुचित निकासी नहीं हो पाती, जिससे लगातार पानी का रिसाव होता रहा और पूरी संरचना कमजोर होकर जर्जर अवस्था में पहुंच गई। पत्र में कहा गया है कि वर्तमान स्थिति अत्यंत चिंताजनक है, क्योंकि न्यायालय परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में अधिवक्ता, न्यायालयीन कर्मचारी, पक्षकार एवं आमजन आवागमन करते हैं। ऐसी स्थिति में पोर्च का कोई हिस्सा गिरने पर बड़ी जनहानि हो सकती है। अध्यक्ष राकेश सिंह बघेल ने आरोप लगाया है कि लोक निर्माण विभाग द्वारा स्थायी समाधान करने के बजाय केवल छपाई एवं सतही मरम्मत कर लीपापोती की जा रही है, जबकि पोर्च की वास्तविक स्थिति को देखते हुए यह कार्य पर्याप्त नहीं है। उन्होंने स्पष्ट रूप से मांग की है कि जर्जर पोर्च को पूर्णतः हटाकर नया एवं सुरक्षित पोर्च निर्मित कराया जाए। पत्र में यह भी मांग की गई है कि वर्तमान में चल रहे छपाई एवं लीपापोती के कार्य को तत्काल रोका जाए, उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए तथा पूरे क्षेत्र को असुरक्षित घोषित कर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उक्त पत्र जिला अधिवक्ता संघ शहडोल की कार्यकारिणी की ओर से भेजा गया है, जिस पर अध्यक्ष राकेश सिंह बघेल के साथ उपाध्यक्ष सतीश पाठक, सचिव अनिल तिवारी, सहसचिव राकेश गोले, कोषाध्यक्ष गगन कुमार वर्मा एवं कार्यकारिणी सदस्य राकेश जायसवाल, पुरुषोत्तम गुप्ता तथा पुष्पेंद्र सिंह के भी हस्ताक्षर हैं।
इस संबंध में भेजे गए पत्र की प्रतिलिपि कलेक्टर शहडोल, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शहडोल को भी सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित की गई है। जिला अधिवक्ता संघ ने कहा है कि यदि समय रहते उचित कार्यवाही नहीं की गई और भविष्य में कोई दुर्घटना अथवा जनहानि होती है, तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित विभागों एवं प्रशासन की होगी। साथ ही जिला अधिवक्ता संघ शहडोल के अध्यक्ष राकेश सिंह बघेल द्वारा अधिवक्ताओं के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए कहा गया है कि समस्त अधिवक्तागण अपने पक्षकारों के साथ जर्जर पोर्च के नीचे से आवागमन करने से बचें तथा जब तक नया पोर्च निर्मित नहीं हो जाता, तब तक न्यायालय परिसर में उपलब्ध वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करें, जिससे किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।

