स्थगन आदेश के बावजूद शासकीय भूमि पर राजू पांडेय का निर्माण जारी...

खन्नौधी में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण का बड़ा मामला 



Junaid Khan - शहडोल। जिले के गोहपारु तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत खन्नौधी में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा और निर्माण का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। जानकारी के अनुसार खसरा नंबर 1678/1 की शासकीय भूमि पर वर्षों से कई लोगों द्वारा कब्जा कर मकान एवं दुकानों का निर्माण किया गया है, वहीं अब स्थगन आदेश जारी होने के बावजूद नए निर्माण कार्य भी तेजी से जारी हैं।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार शासकीय भूमि पर बिना किसी वैधानिक लीज स्वीकृति के पक्के एवं कच्चे मकान, दुकानें तथा व्यावसायिक निर्माण किए जा रहे हैं। आरोप है कि संबंधित विभाग की अनदेखी और कथित मिलीभगत के कारण अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कठोर कार्रवाई नहीं की तो आने वाले समय में पूरी शासकीय भूमि पर स्थायी कब्जा हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक जिन लोगों द्वारा पहले से शासकीय भूमि पर मकान एवं दुकानें बनाई गई हैं उनमें विनोद साहू, संतोष नामदेव, राजेश नापित, पुरुषोत्तम शर्मा, घनश्याम गुप्ता, सुभाष शर्मा, अशोक गुप्ता, कपूरचंद्र गुप्ता, चंद्रभूषण द्विवेदी, मन्नू खान, राजा सोनी, अजय अवस्थी, सुरेंद्र मिश्रा, मुकेश पांडे, बृजेश पांडे, खिलामन सोनी, ओमप्रकाश मिश्रा, संकर्षण महाराज, डड्डी तिवारी, लालू मिश्रा, फिरोज खान, हरिश्चंद्र पांडे, गोपाल सोनी, डॉ. तिवारी, रामजी गुप्ता, रामकृपाल गुप्ता, रामपाल गुप्ता, लल्लू खान सहित अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। वहीं वर्तमान में जिन व्यक्तियों द्वारा नए निर्माण कार्य किए जाने की चर्चा है उनमें राजू पांडेय एवं सोनी जी का नाम प्रमुख रूप से सामने आया है। बताया जा रहा है कि संबंधित पटवारी द्वारा शासकीय भूमि पर निर्माण कार्य रोकने हेतु स्थगन आदेश जारी किए जाने की बात कही गई है, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य लगातार जारी है। आरोप है कि रात-दिन तेजी से निर्माण कर प्रशासनिक कार्रवाई को चुनौती दी जा रही है। राजस्व नियमों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति का शासकीय भूमि पर कब्जा पाया जाता है तो उसे नियमानुसार लीज प्रक्रिया पूर्ण करनी होती है। वैधानिक स्वीकृति के बिना किसी प्रकार का स्थायी निर्माण पूरी तरह नियम विरुद्ध माना जाता है। इसके बावजूद खुलेआम निर्माण कार्य होना कई सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन, राजस्व विभाग एवं तहसील प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करता है। ग्रामीणों ने कलेक्टर शहडोल से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

Previous Post Next Post