कोतरी नाला भदवाही के पास बाइक सवार तीन बदमाशों ने वारदात को दिया अंजाम,दो बोरी महुआ और मोबाइल छीना, पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली पर भड़के ग्रामीण
Junaid Khan - शहडोल। संभाग मुख्यालय से सटे गोहपारू थाना क्षेत्र के अंतर्गत कोतरी नाला भदवाही के पास दिनदहाड़े एक किसान से हुई सनसनीखेज लूट की वारदात ने क्षेत्र की कानून व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। सरेराह हुई इस डकैती ने न केवल आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं, बल्कि क्षेत्र में सक्रिय बेखौफ बदमाशों के हौसलों को भी उजागर कर दिया है। पीड़ित किसान जब अपनी मेहनत की कमाई और उपज लेकर घर लौट रहा था, तभी घात लगाए बैठे तीन बदमाशों ने उसे जबरन रोक लिया। अपराधियों का दुस्साहस इस कदर बुलंद था कि उन्होंने न सिर्फ किसान से लूटपाट की, बल्कि विरोध करने पर उसे सीधे जान से मारने की धमकी तक दे डाली। यह घटना सीधे तौर पर स्थानीय पुलिस प्रशासन और उसकी गश्त व्यवस्था को खुली चुनौती है कि आखिर अपराधियों में कानून का खौफ खत्म क्यों हो चुका है?
पीछा कर घर तक पहुंचा पीड़ित,फिर भी नहीं डरे शातिर अपराधी
विस्तृत विवरण के अनुसार, जयसिंहनगर के ग्राम भटिगंवा निवासी पीड़ित किसान रामदास सिंह गत 9 मई को हरी गांव से अपनी बाइक पर दो बोरी महुआ लादकर घर लौट रहा था। इसी दौरान कोतरी नाला रास्ते पर पहले से घात लगाए बैठे तीन युवकों ने उसे जबरन रोक लिया और पैसों की मांग करने लगे। जब पीड़ित किसान ने अपनी गाढ़े पसीने की कमाई देने से इंकार किया, तो बदमाशों ने बलपूर्वक दो बोरी महुआ और उसका मोबाइल फोन छीन लिया और रफूचक्कर हो गए। इस वारदात में सबसे हैरान कर देने वाला पहलू यह रहा कि पीड़ित किसान ने अदम्य साहस दिखाते हुए अपराधियों का पीछा किया और उनके घर तक जा पहुंचा। लेकिन कानून और खाकी के खौफ से पूरी तरह मुक्त हो चुके इन शातिर बदमाशों ने सामान वापस करने के बजाय पीड़ित को दोबारा जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया। इसके बाद सहमे पीड़ित ने अपने पिता के साथ गोहपारू थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई।
मुख्य आरोपी बुद्धू जायसवाल गिरफ्तार,चार स्थायी वारंट के बाद भी घूम रहा था खुला कैसे?
पीड़ित की लिखित शिकायत के बाद गोहपारू पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नामजद आरोपियों बुद्धू उर्फ ब्रज किशोर जायसवाल, किरण जायसवाल और नील लाला पाव के खिलाफ लूट का संगीन मामला दर्ज किया है। पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक जांच के दौरान मुख्य आरोपी बुद्धू उर्फ बृजकिशोर जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसके दो अन्य साथी अभी भी कानून की गिरफ्त से बाहर हैं और फरार चल रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार आरोपी बुद्धू कोई नौसिखिया अपराधी नहीं है; उस पर पहले से ही लूट के कई मामले दर्ज हैं और न्यायालय द्वारा उसके खिलाफ चार-चार स्थायी वारंट जारी किए जा चुके थे। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि चार स्थायी वारंट होने के बावजूद यह आदतन अपराधी अब तक खुलेआम सड़कों पर कैसे घूम रहा था और पुलिस की खुफिया विंग आखिर क्या कर रही थी?
अवैध कारोबारियों और बेलगाम अपराधियों को खुली चुनौती,अब आर-पार की लड़ाई
इस वारदात ने गोहपारू और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पनप रहे अवैध धंधों और अपराधियों के गठजोड़ को एक बार फिर बेनकाब कर दिया है। महुआ की अवैध खरीद-फरोख्त और राहजनी करने वाले इन तत्वों को अब साफ तौर पर यह समझ लेना होगा कि उनकी गुंडागर्दी और समानांतर सत्ता को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून को अपनी जेब में समझने वाले इन बदमाशों के खिलाफ अब चौतरफा दबाव बन रहा है। यदि पुलिस प्रशासन ने फरार चल रहे बाकी दोनों आरोपियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे नहीं भेजा और क्षेत्र में गश्त नहीं बढ़ाई, तो जनता का आक्रोश सड़कों पर फूटने के लिए मजबूर हो जाएगा। यह खबर उन सभी सफेदपोश आकाओं और अवैध काम करने वालों के लिए एक सीधी चेतावनी है कि जनता जाग चुकी है और अब हर एक जुर्म का हिसाब कानून के दायरे में लिया जाएगा।
