गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल: हजरत सैयद शहीद मन्सूर बाबा के सालाना उर्स की तैयारियां मुकम्मल

प्रशासन और उर्स कमेटी ने संभाली कमान,पुरानी बस्ती रेलवे नूरी मस्जिद मैदान में 22 और 23 मई को सजेगी अकीदत की महफिल, देश की जानी-मानी सूफी हस्तियां बिखेरेंगी रूहानी सुरों का जलवा, प्रशासनिक मुस्तैदी और उर्स कमेटी के सेवा भाव से चमकी व्यवस्थाएं


Junaid Khan - शहडोल। कौमी एकता, रूहानी सुकून और अगाध आस्था के प्रतीक सूफी संत हजरत सैयद शहीद मन्सूर बाबा रहमतुल्लाह अलैहे का दो दिवसीय सालाना उर्स मुबारक इस वर्ष भी बेहद गरिमापूर्ण और भव्य पैमाने पर आयोजित होने जा रहा है। आगामी 22 और 23 मई 2026 को पुरानी बस्ती स्थित रेलवे नूरी मस्जिद उर्स मैदान में आयोजित होने वाले इस रूहानी जलसे को लेकर जहां अकीदतमंदों में भारी उत्साह है, वहीं स्थानीय प्रशासन और उर्स कमेटी ने आपसी समन्वय की एक बेहतरीन मिसाल पेश की है। उर्स के सफल और निर्बाध संचालन के लिए प्रशासन द्वारा सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल और सुगम यातायात की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है, जिसकी सर्वत्र सराहना हो रही है। प्रशासनिक अधिकारियों की इस सक्रियता और सकारात्मक रुख ने यह साबित कर दिया है कि शहडोल हमेशा से गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे का अग्रदूत रहा है।

धार्मिक अनुष्ठानों और अकीदत के साथ होगी शुरुआत,उठेगी शाही चादर

कार्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार, उर्स मुबारक के प्रथम दिन 22 मई बरोज शुक्रवार को तड़के नमाज-ए-फज्र के उपरांत मजार शरीफ का पूरे अदब व एहतराम के साथ गुसुलपाक किया जाएगा। इसके पश्चात, शाम को नमाज-ए-मगरिब के बाद मोहल्ला हयात साहब के निवास स्थान से पूरी आन-बान और शान के साथ परंपरागत शाही चादर और संदल शरीफ उठाया जाएगा। यह रूहानी कारवां शहडोल शहर के प्रमुख मार्गों से गश्त करते हुए, कव्वालियों और सूफियाना नारों के बीच मजार शरीफ पहुंचेगा, जहां देश और दुनिया में अमन-चैन, खुशहाली और आपसी सौहार्द की दुआओं के साथ चादर पोशी की जाएगी। इस भव्य जुलूस को लेकर नगरवासियों में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। 23 मई को सजेगी सूफियाना कव्वाली की महफिल, देश के ख्यातिलब्ध फनकार देंगे प्रस्तुति। उर्स के दूसरे दिन, यानी 23 मई दिन शनिवार की रात 09 बजे से उर्स मैदान में एक शानदार और ऐतिहासिक सूफियाना कव्वाली के प्रोग्राम का आगाज होगा। इस सुरमयी महफिल में देश के मशहूर टीवी सूफी सिंगर नियाज अली, फराज अली और अमन अली अपनी रूहानी आवाज का जादू बिखेरेंगे। वहीं, अकीदतमंदों के दिलों को सूफियाना रंग में रंगने के लिए सुप्रसिद्ध सूफी गायक शाहिद खान भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इस सांस्कृतिक और आध्यात्मिक समागम को यादगार बनाने के लिए उर्स कमेटी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दिन-रात एक कर दिया है।

अतिथियों का जुटेगा मेला, गरिमामयी उपस्थिति बढ़ाएगी उर्स की रौनक

इस विशाल आयोजन में क्षेत्र के प्रमुख राजनेता और प्रशासनिक अधिकारी भी शिरकत कर सांप्रदायिक सौहार्द को बल देंगे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि घनश्याम जायसवाल (नगर पालिका अध्यक्ष, शहडोल) होंगे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में मनोज बेहरा (ए.आई.आर.एफ. उपाध्यक्ष, दिल्ली), ए.के. मोहन्ती (सहायक महामंत्री श्रमिक यूनियन), पी.एस. राव (सचिव रेलवे श्रमिक यूनियन), बालकृष्ण बंगारी (सचिव मेन्स कांग्रेस), डॉ. अमित विश्वकर्मा जी और प्राम्पी सिंह (मण्डल सचिव रेलवे मजदूर संघ) गरिमा बढ़ाएंगे। इसके साथ ही, क्षेत्र की सम्मानित जनप्रनिधि श्रीमती राजकुमारी (रामु) पार्षद वार्ड नं. 39, श्रीमती सीमा संजू पटेल पार्षद वार्ड नं. 38, श्री राजा यादव पार्षद वार्ड नं. 37, श्री पुष्पेन्द्र मिश्रा पार्षद वार्ड नं. 36, श्रीमती रजनी सिंह पार्षद वार्ड नं. 34 और कुमारी आयुषी गजविये पार्षद वार्ड नं. 33 विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में मौजूद रहकर व्यवस्थाओं की हौसलाअफजाई करेंगी।

कमेटी और सेवादारों का समर्पण: हर मोर्चे पर मुस्तैद हैं जिम्मेदार 

इस पूरे आयोजन को भव्यता देने में उर्स कमेटी के पदाधिकारियों का निःस्वार्थ सेवा भाव और कुशल प्रबंधन सबसे बड़ा स्तंभ साबित हो रहा है। जेरे सरपरस्ती हाजी अब्दुल सलीम कलमी, जनाब अहमद अंसारी, जनाब फरीद अहमद, जनाब औरंगजेब खान और जेरे सदारत हाजी मो. इसरफील, हाजी मो. इकबाल, मो. मुमताज व मो. मकबूल (कोर्ट) के मार्गदर्शन में पूरी टीम मुस्तैद है। जेरे कयाकत के तहत अब्दुल हक (कत्लू भाई), करीम खान (गुड्डू), मो. अफजल (बबलू), रिंकू बर्मन और स्नहिल सिंह बघेल सक्रिय हैं, वहीं कार्यवाहक अध्यक्ष बल्लू बाबा, शहनाज खान, साहिद खान (बड़का), कत्लू लक्ष्मी और कलीम राईन व्यवस्थाओं की कमान संभाले हुए हैं। इसके अतिरिक्त, शेर खान शेरू (अध्यक्ष), नदीम खान (अध्यक्ष) और मो. हयात (सचिव) के नेतृत्व में पूरी कार्यकारिणी, जिसमें उपाध्यक्ष मो. अजीम (गोलू), तनवीर असरफी, इरशाद, शोबू, अजहर, शाजीद भाई, अल्ताफ (रेड्डी), सद्दाम, आफताब, शनी खान (बंटी), मो. फारुख (दादा) शामिल हैं, व्यवस्था को अंतिम रूप दे रही है। मुख्य संचालक जनाब शान उल्ला खान, जनाब सुफीयान खान और संचालक मो. समीम कलीमी, परवेज खान, मो. हुसैन (गार्ड साहब) व अब्दुल अजीज (अज्जू) मंच और मैदान का समन्वय संभाल रहे हैं। कोषाध्यक्ष मो. जुनैद (छोटू) व मो. सबीर, सह सचिव मो. जुबैर (बल्ली), जमील खान (चुन्नू), मो. अदील, मो. अरसद, मो. जुनैद, मो. परवेज, रस्सू भाई, मो. तारीफ, मो. आजाद, शोएब खान व सहबाज खान तथा खादीम अस्ताना रिजवान अहमद अंसारी, फैज मोहम्मद (गुड्डू), रजिक खान, दिलीप बाबा, रईस अंसारी, मो. मुस्तफा (चच्चा) सहित सदस्यगण शहबाज खान, मो. इमरान राईन, असीफ राईन, आरिफ राईन, मो. वसीम (लड्डू), इरशाद राईन और मो. इशान अपनी पूरी ऊर्जा के साथ इस खिदमत में जुटे हैं। उर्स कमेटी की इस एकजुटता और प्रबंधन कौशल की बदौलत ही आज यह आयोजन पूरे संभाग के लिए गौरव का विषय बन चुका है।

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