शिक्षा के क्षेत्र में बुढ़ार नगर का ऐतिहासिक गौरव: सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में 'ग्रीन बेल्स पब्लिक स्कूल' के होनहारों का अभूतपूर्व प्रदर्शन, अंचल में हर्ष की लहर
Junaid Khan - शहडोल। बुढ़ार केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा घोषित कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणामों ने इस बार आंचलिक प्रतिभाओं का लोहा पूरे संभाग में मनवा दिया है। बुढ़ार नगर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान 'ग्रीन बेल्स पब्लिक स्कूल' के छात्र-छात्राओं ने अपनी मेधा, अटूट लगन और असाधारण प्रतिभा के बल पर बोर्ड परीक्षा में ऐतिहासिक सफलता अर्जित की है। बुधवार को जारी हुए परीक्षा परिणामों में विद्यालय का परीक्षा फल न केवल शानदार रहा, बल्कि अंक तालिका में सर्वोच्च स्थानों पर कब्जा कर विद्यार्थियों ने संस्थान और अपने क्षेत्र का नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज करा दिया है। इस गौरवशाली सफलता के बाद से ही संपूर्ण नगर सहित जिले के प्रबुद्ध जनों, अभिभावकों और शिक्षाविदों में भारी उत्साह और हर्ष का माहौल व्याप्त है। मेधावियों ने गाड़े सफलता के झंडे, बेटियों ने फिर मारी बाजी इस गौरवशाली परीक्षा परिणाम के अंतर्गत विद्यालय की मेधावी छात्रा भूमि पारवानी ने अपनी कुशाग्र बुद्धि का परिचय देते हुए सर्वाधिक 95.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय व नगर स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। इसी क्रम में श्रुति पटेल ने 94.4% अंकों के साथ अपनी श्रेष्ठता साबित की, जबकि शिवांश शुक्ला ने 92.6% अंक हासिल कर अपनी अद्भुत बौद्धिक क्षमता का प्रदर्शन किया। सफलता का यह कारवां यहीं नहीं रुका; आशीष कुमार मिश्रा ने 90.6%, दिशा घुरियानी एवं रिषभ तिवारी ने संयुक्त रूप से शानदार 87.8%, प्रभाकर मिश्रा ने 87.2%, आफरीन बी ने 87%, शिवा यादव ने 85.8% तथा शिवानी सोनी ने 84.6% अंक अर्जित कर अपनी अद्वितीय शैक्षणिक योग्यता का लोहा मनवाया। सभी सफल विद्यार्थियों के प्राप्तांक यह स्पष्ट दर्शाते हैं कि कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच इन विद्यार्थियों ने यह मुकाम हासिल किया है। प्रशासनिक व्यवस्था और सुचारू परिवेश का मिला संबल महानगरों की तर्ज पर छोटे नगरों में इस स्तर का परिणाम आना इस बात का जीवंत प्रमाण है कि यदि स्थानीय स्तर पर कुशल प्रबंधन और प्रशासन की दृढ़ता हो, तो सुदूर अंचलों के बच्चे भी राष्ट्रीय फलक पर चमक सकते हैं। स्थानीय जिला एवं विकासखंड प्रशासन द्वारा समय-समय पर शैक्षणिक गुणवत्ता की मॉनिटरिंग, सुचारू कानून व्यवस्था और अकादमिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए तैयार किया गया सकारात्मक वातावरण इस सफलता की एक बड़ी रीढ़ साबित हुआ है। शासन और प्रशासन द्वारा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास और शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित किए जाने के कारण ही आज बच्चे निर्भीक होकर ज्ञान के इस महायज्ञ में अपनी आहुति दे पा रहे हैं, जो कि लोक कल्याणकारी प्रशासन की वास्तविक सफलता को रेखांकित करता है। विद्यालय प्रबंधन और गुरुजनों के मार्गदर्शन की अनूठी मिसाल इस अभूतपूर्व सफलता का वास्तविक श्रेय विद्यालय के उस कुशल मार्गदर्शन और समर्पित शिक्षक वर्ग को जाता है, जिन्होंने दिन-रात एक कर विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान किया और उन्हें उत्कृष्ट अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई। 'ग्रीन बेल्स पब्लिक स्कूल' प्रबंधन की दूरदर्शी नीतियों, आधुनिकतम शिक्षण प्रणालियों और हर छात्र पर व्यक्तिगत ध्यान देने की अनूठी कार्यशैली के कारण ही आज सामूहिक रूप से इतनी बड़ी सफलता अर्जित की जा सकी है। गुरुजनों की इसी कठोर तपस्या और अभिभावकों के अटूट विश्वास का प्रतिफल है कि आज बुढ़ार जैसे उभरते नगर से इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने 85 से 95 प्रतिशत से अधिक अंक लाकर क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। उज्ज्वल भविष्य की कामना, अंचल में बधाई का तांता इस ऐतिहासिक और गौरवमयी उपलब्धि पर 'ग्रीन बेल्स पब्लिक स्कूल' के विद्यालय परिवार, प्रबंध समिति, प्राचार्य एवं समस्त शिक्षक विंग ने सभी सफल छात्र-छात्राओं को हार्दिक बधाई प्रेषित की है। संस्था प्रमुख ने कहा कि यह परिणाम केवल अंकों की बाजीगरी नहीं, बल्कि बच्चों के चरित्र, अनुशासन और कठोर परिश्रम की विजय है। विद्यालय परिवार ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल, प्रगतशील एवं यशस्वी भविष्य की कामना करते हुए पूर्ण विश्वास जताया है कि ये होनहार छात्र आगे चलकर देश के विभिन्न उच्च क्षेत्रों में नेतृत्व कर राष्ट्र निर्माण में अपनी महती भूमिका निभाएंगे और अंचल का गौरव बढ़ाते रहेंगे।
एक नजर में मेधावी सितारे। भूमि पारवानी: 95.8%। श्रुति पटेल: 94.4%। शिवांश शुक्ला: 92.6%।
आशीष कुमार मिश्रा: 90.6%।दिशा घुरियानी: 87.8%। रिषभ तिवारी: 87.8%। प्रभाकर मिश्रा: 87.2%। आफरीन बी: 87%। शिवा यादव: 85.8%। शिवानी सोनी: 84.6%।।
