शहडोल पुलिस कंट्रोल रूम के सामने कबाड़ माफिया के सामने कानून बेबस...

घरेलू गैस सिलेंडरों से चल रही कटर मशीनें, शहर के बीचों-बीच हादसे को खुला न्योता


Junaid Khan - शहडोल। शहर में कानून और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करने वाले नए पुलिस कंट्रोल रूम और यातायात कार्यालय के ठीक सामने कोतवाली थाना क्षेत्र में इन दिनों ऐसा नजारा देखने को मिल रहा है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्य सड़क किनारे खुले मैदान को गैराज का रूप देकर बसों की कटिंग का काम खुलेआम किया जा रहा है और सबसे चिंताजनक बात यह है कि यहां घरेलू लाल गैस सिलेंडरों का उपयोग कटर मशीन चलाने में किया जा रहा है। जहां एक ओर आम नागरिक रसोई गैस की किल्लत से परेशान हैं और गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी ओर घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का खुलेआम व्यावसायिक उपयोग जारी है। यह पूरा खेल ऐसे स्थान पर संचालित हो रहा है जहां से शहर की कानून व्यवस्था और यातायात नियंत्रण संचालित होता है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की चुप्पी लोगों को हैरान कर रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार मुख्य मार्ग किनारे बस मालिकों द्वारा अस्थायी गैराज बनाकर पुरानी बसों की कटिंग की जा रही है। यहां घरेलू गैस सिलेंडरों से कटर मशीनें संचालित हो रही हैं, जबकि नियम स्पष्ट रूप से कहते हैं कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर केवल घरेलू उपयोग के लिए ही वैध हैं। इसके बावजूद खुलेआम इनका इस्तेमाल व्यावसायिक और अत्यंत जोखिम भरे कार्यों में किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि कटर मशीनों में घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। सड़क किनारे बिना सुरक्षा उपकरणों और अग्निशमन इंतजामों के चल रहा यह कार्य किसी विस्फोट या आगजनी जैसी भयावह घटना को जन्म दे सकता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब नए पुलिस कंट्रोल रूम और यातायात कार्यालय के सामने ही नियमों की ऐसी धज्जियां उड़ रही हैं, तो शहर के अन्य हिस्सों की स्थिति कितनी गंभीर होगी, इसका अंदाजा सहज लगाया जा सकता है। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि इस तरह के अवैध उपयोग की शिकायतें पहले भी कई बार सामने आ चुकी हैं, लेकिन न तो खाद्य विभाग ने कोई प्रभावी कार्रवाई की, न गैस एजेंसियों की निगरानी दिखाई दी और न ही प्रशासन ने कोई सख्ती बरती। लोगों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि आखिर जिम्मेदार विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहे हैं।

डिंडोरी से आया नया कबाड़ माफिया 

सूत्रों के मुताबिक डिंडोरी से आए कबाड़ी मजहर द्वारा यहां दो-दो घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग कर बसों की कटिंग की जा रही है। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर व्यावसायिक उपयोग के लिए ये घरेलू सिलेंडर कहां से और किस माध्यम से उपलब्ध कराए गए। जानकारी यह भी सामने आई है कि एक स्थानीय बस संचालक द्वारा करीब छह कबाड़ बसों का सौदा लगभग 16 लाख रुपये में मजहर कबाड़ी डिंडोरी के साथ किया गया है। बताया जा रहा है कि बसों की कटिंग शहडोल में ही कर उन्हें अन्य बाजारों में बेचने की तैयारी चल रही है। मामला केवल अवैध गैस उपयोग तक सीमित नहीं है। जांच का विषय यह भी है कि जिन बसों को कबाड़ घोषित कर काटा जा रहा है, क्या उनके सभी वैधानिक दस्तावेज पूर्ण किए गए हैं. क्या उनका टैक्स और अन्य शासकीय देय राशि जमा की गई है. यदि नहीं, तो यह मामला केवल सुरक्षा मानकों के उल्लंघन तक सीमित नहीं बल्कि राजस्व हानि और नियमों की अनदेखी का भी गंभीर मामला बन सकता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन, खाद्य विभाग, परिवहन विभाग और पुलिस इस पूरे मामले पर क्या कार्रवाई करते हैं, या फिर शहर किसी बड़े हादसे के बाद ही जिम्मेदार तंत्र की नींद खुलेगी।

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