प्रशासन की नाक के नीचे सोन और केवई का सीना छलनी,रसूखदारों के 'सिंडिकेट' ने बुढ़ार को बनाया नरक

जहरीले पानी से मौत का तांडव: बहुजन गोंडवाना पार्टी ने खोला मोर्चा,07 दिन में कार्रवाई न होने पर चक्काजाम और उग्र आंदोलन की चेतावनी



Junaid Khan - शहडोल। संभाग के बुढ़ार क्षेत्र में अवैध खनन और औद्योगिक प्रदूषण ने अब इंसानी जिंदगियों को लीलना शुरू कर दिया है। एक तरफ कोल माफियाओं का सिंडिकेट सोन और केवई नदी के अस्तित्व को खत्म करने पर तुला है, वहीं दूसरी ओर 'आनंद क्लोराइड केमिकल फैक्ट्री' द्वारा बिना ट्रीटमेंट के बहाया जा रहा जहरीला रसायन क्षेत्र के जल स्रोतों को 'धीमा जहर' बना रहा है। हाल ही में दूषित पानी के सेवन से एक मासूम बच्ची की असामयिक मृत्यु ने स्थानीय आक्रोश की ज्वाला को भड़का दिया है। प्रशासन की इसी निष्क्रियता के खिलाफ अब 'बहुजन गोंडवाना पार्टी' ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है।

साठगांठ का खेल,24 घंटे गरज रही मशीनें,मौन है प्रशासन 

क्षेत्र में सक्रिय रेत और कोयला माफिया इतने बेखौफ हैं कि दिन के उजाले से लेकर काली रात तक नदियों का सीना छलनी किया जा रहा है। बटुरा, चंगेरा, छांटा और साबो जैसी महत्वपूर्ण नदियों से करोड़ों रुपये की सरकारी संपत्ति की चोरी खुलेआम जारी है। ताज्जुब की बात यह है कि जिस रास्ते से माफियाओं के डंपर और ट्रक गुजरते हैं, उसी रास्ते पर पुलिस और प्रशासनिक पहरा होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। माफियाओं के इस बुलंद हौसले के पीछे सफेदपोशों और भ्रष्ट तंत्र के संरक्षण की बू आ रही है, जिसने आम जनता को दहशत के साये में जीने को मजबूर कर दिया है।

केमिकल फैक्ट्री की मनमानी,नदियों में बह रहा कैंसर'

बुढ़ार स्थित आनंद क्लोराइड केमिकल फैक्ट्री विकास के नाम पर विनाश का पर्याय बन चुकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री का कचरा और गंदा केमिकल युक्त पानी सीधे नदियों में छोड़ा जा रहा है। इस जहरीले पानी से न केवल जलीय जीव मर रहे हैं, बल्कि आसपास के गांवों का भू-जल स्तर भी बुरी तरह प्रभावित हो चुका है। कुओं और हैंडपंपों से निकलने वाला पानी अब पीने लायक नहीं बचा है, जिससे चर्म रोग, पेट की बीमारियां और कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ गया है। एक बच्ची की मौत ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि जल्द ही इस फैक्ट्री पर ताला नहीं लटका, तो यह पूरा क्षेत्र श्मशान में तब्दील हो जाएगा।

सरकारी खजाने को चूना और गिरता जलस्तर

अवैध रेत खनन ने न केवल पर्यावरण को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है, बल्कि भू-जल स्तर को भी सैकड़ों फीट नीचे धकेल दिया है। किसान परेशान हैं क्योंकि सिंचाई के साधन सूख रहे हैं और उपजाऊ जमीन बंजर होती जा रही है। माफिया जहां अरबों की काली कमाई कर अपनी तिजोरियां भर रहे हैं, वहीं सरकार को मिलने वाले राजस्व का बड़ा हिस्सा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है। जनमानस में यह सवाल कौंध रहा है कि क्या प्रशासन को वाकई इन अवैध गतिविधियों की खबर नहीं है, या फिर 'ऊपर तक' पहुंच रहे कमीशन ने उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी है?

अल्टीमेटम,सात दिन में सुधार नहीं तो थम जाएगा पहिया

इस पूरे मामले को लेकर बहुजन गोंडवाना पार्टी के जिला अध्यक्ष प्रवीण कुमार चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष रंजीत राय ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर शासन-प्रशासन को सीधी चुनौती दी है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि पूर्व में दिए गए ज्ञापनों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जो प्रशासन की मिलीभगत को दर्शाता है। अब अंतिम चेतावनी देते हुए कहा गया है कि यदि 07 दिनों के भीतर अवैध खदानें बंद नहीं हुईं,केमिकल फैक्ट्री पर कार्रवाई नहीं हुई और दोषी अधिकारियों पर गाज नहीं गिरी, तो समूचा क्षेत्र उग्र धरना प्रदर्शन और चक्काजाम का साक्षी बनेगा। इसकी समस्त जिम्मेदारी शहडोल प्रशासन की होगी।

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