प्रशासन के गाल पर माफिया का खुला तमाचा,वीडियो वायरल कर खाकी को दी सीधी चुनौती

कौआसरई हलफल नाला से दिनदहाड़े रेत का 'चीरहरण', सोशल मीडिया पर दबंगई के स्टेटस लगा उड़ाया एनजीटी के नियमों का मखौल 


Junaid Khan - शहडोल। क्षेत्र में खनिज माफिया के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब उन्हें न तो कानून का खौफ है और न ही जिला प्रशासन का डर। ताजा मामला जयसिंहनगर से महज पाँच किलोमीटर दूर कौआसरई हलफल नाला का है, जहाँ आयुष राव और अमन राव नामक तथाकथित रसूखदारों द्वारा दिनदहाड़े, सरेआम ट्रैक्टरों के जरिए अवैध रेत का अवैध परिवहन किया जा रहा है। दुस्साहस की पराकाष्ठा देखिए कि ये रेत माफिया न सिर्फ प्रतिबंध के बावजूद नदियों का सीना छलनी कर रहे हैं, बल्कि बाकायदा सोशल मीडिया पर अवैध रेत भरते हुए खुद का वीडियो और दबंगई वाले गानों के साथ स्टेटस डालकर जिला प्रशासन और पुलिस को खुलेआम चुनौती दे रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, एक दिन पहले वायरल किया गया यह वीडियो सीधे तौर पर प्रशासनिक इकबाल को मुंह चिढ़ा रहा है, जिससे आम जनता के बीच यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या जिम्मेदार अमला इन रेत माफियाओं के सामने नतमस्तक हो चुका है?

खाकी और माफिया के गठजोड़ से कराह रही 'हलफल'मौन व्रत पर मौन सवाल 

माफियाओं के इस बेलगाम दंश से आज कौआसरई की हलफल नदी लहूलुहान है। सोशल मीडिया पर वायरल यह वीडियो चीख-चीखकर खाकी और माफिया के गहरे गठजोड़ के संकेत दे रहा है। नदियों के मायके कहे जाने वाले इस अंचल में ही जब नदियों का सरेआम चीरहरण हो रहा हो, तब पुलिस और प्रशासन के मैदानी अधिकारियों व कर्मचारियों का यह 'मौन व्रत' कई गंभीर संशयों को जन्म देता है। एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के कड़े कायदों और नियमों को ठेंगे पर रखकर चौबीस घंटे रेत का यह काला कारोबार फल-फूल रहा है। चंद रस्मी और दिखावटी कार्रवाइयों के भरोसे आखिर कब तक हमारी जीवनदायिनी नदियों को संरक्षित रखा जा सकेगा? माफिया का यह वीडियो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, जो यह साबित करने के लिए काफी है कि रेत के इस खेल में रसूख और संरक्षण की जड़ें कितनी गहरी हैं।

थाना पुलिस की तत्परता ने बचाई साख,अपराधियों में खलबली 

एक तरफ जहाँ जयसिंहनगर के इस बेखौफ वीडियो ने पूरे सिस्टम की साख पर बट्टा लगाने का काम किया है, वहीं दूसरी ओर जिला मुख्यालय की थाना पुलिस का सक्रिय और सख्त रवैया इस पूरे परिदृश्य में एक उम्मीद की किरण बनकर उभरा है। स्थानीय स्तर पर मचे इस घमासान के बीच कोतवाली पुलिस टीम ने अपनी सघन मुस्तैदी और मुखबिर तंत्र के जरिए अवैध गतिविधियों पर पैनी नजर रख रखी है। कानून व्यवस्था को अक्षुण्ण बनाए रखने और रेत के इस संगठित सिंडिकेट के खिलाफ थाना पुलिस की हालिया सक्रियता की सराहना की जानी चाहिए। जिस तरह थाना पुलिस अपराधियों और अवैध परिवहनकर्ताओं के खिलाफ डंडा चलाने के लिए तत्पर दिखती है, वैसी ही कड़ाई और ईमानदार इच्छाशक्ति अगर जयसिंहनगर के सीमावर्ती इलाकों में भी दिखाई जाए, तो इन सोशल मीडियाई माफियाओं की दबंगई को मिनटों में जमींदोज किया जा सकता है। अब देखना यह है कि इस वायरल वीडियो के बाद जिला प्रशासन जागता है या फिर माफिया की यह 'रील्स' और 'स्टेटस' कानून के राज पर भारी पड़ते रहेंगे।

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