अपराधियों ने दी प्रशासनिक मुस्तैदी को खुली चुनौती,कोतवाली पुलिस ने कसी कमर,सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ साइबर सेल ने शुरू की जांच
Junaid Khan - शहडोल। शहडोल संभाग मुख्यालय में अपराधियों और शातिर ठगों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि उन्होंने सीधे तौर पर कानून-व्यवस्था और स्थानीय प्रशासन को खुली चुनौती दे डाली है। शहर के सबसे व्यस्ततम इलाकों को निशाना बनाकर अपराधी अब दिन-दहाड़े वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। ताजा मामलों में, जहां एक ओर शातिर चोरों ने पार्किंग में खड़ी कार का पूरा शीशा साबुत निकालकर भीतर रखा महिला का जेवरात व नकदी से भरा पर्स पार कर दिया, वहीं दूसरी ओर डिजिटल सेंधमारी करते हुए साइबर ठगों ने एक सरकारी अधिकारी का मोबाइल हैक कर उनके खाते से ₹78,000 की राशि उड़ा दी। एक ही समय में जमीनी और आभासी (साइबर) दुनिया में हुई इन बड़ी वारदातों ने शहरवासियों को हिलाकर रख दिया है। यह सीधे तौर पर उन तत्वों की गुस्ताखी है जो शांतिप्रिय शहडोल की फिजा बिगाड़ना चाहते हैं, लेकिन कोतवाली पुलिस ने भी अपराधियों की इस चुनौती को स्वीकार करते हुए उनकी घेराबंदी तेज कर दी है।
शापिंग के दौरान वारदात,बुढ़ार की महिला के जेवर और नकदी पार
पहली सनसनीखेज वारदात मोहनराम तालाब के पास स्थित पार्किंग जोन में सामने आई। बुढ़ार की रहने वाली एक महिला, जो अपने मायके शहडोल आई हुई थी, शाम करीब 5 बजे अपनी बेटियों के साथ बाजार में कपड़ों की खरीदारी करने गई थी। इससे ठीक पहले उन्होंने एक ज्वेलर्स की दुकान से कुछ पुराने जेवर बदलवाए थे और नए आभूषणों व ₹15,000 की नकदी को अपने पर्स में रखकर किराए की कार की पिछली सीट पर ही छोड़ दिया था। इसी बीच जब कार चालक चाय पीने एक दुकान में गया, तभी घात लगाए बैठे अज्ञात बदमाशों ने कार के पीछे वाले दरवाजे का पूरा शीशा बेहद शातिर तरीके से निकाला और चंद मिनटों में वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। हालांकि, अपराधियों की यह चालाकी ज्यादा देर छिप नहीं सकी; कोतवाली पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते घटना स्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों में दो संदिग्ध युवक कैद हो गए हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
डिजिटल सेंधमारी,एमपी स्टेट एग्रो के जिला प्रबंधक का खाता खाली
सड़क से लेकर साइबर स्पेस तक फैले इस जाल की दूसरी बड़ी वारदात में, अपराधियों ने सीधे तौर पर प्रशासनिक तंत्र के एक जिम्मेदार अधिकारी को अपना शिकार बनाया। एमपी स्टेट एग्रो (MP State Agro) में जिला प्रबंधक के पद पर कार्यरत नीरज सिंह उइके का मोबाइल शाम करीब 6 बजे अचानक हैक हो गया। मोबाइल हैक होते ही उनके फोन में डाउनलोड किए गए सभी जरूरी ऐप्स ने काम करना बंद कर दिया और बिना किसी अनुमति या ओटीपी के दो अलग-अलग यूपीआई (UPI) ट्रांजैक्शन के माध्यम से उनके खाते से ₹78,000 की धोखाधड़ी कर ली गई। पीड़ित जिला प्रबंधक ने बिना वक्त गंवाए इसकी शिकायत तुरंत साइबर सेल शाखा में दर्ज कराई, जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अज्ञात आईटी अपराधियों के खिलाफ धारा दर्ज कर मामले की तकनीकी विवेचना शुरू कर दी है।
कोतवाली पुलिस की मुस्तैदी,अपराधियों की धरपकड़ के लिए बिछाया जाल
इन दोनों बैक-टू-बैक वारदातों की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया है। कोतवाली पुलिस की सजगता और त्वरित रिस्पॉन्स की वजह से जहां कार चोरी मामले में संदिग्धों की पहचान सीसीटीवी फुटेज के जरिए बेहद कम समय में कर ली गई है, वहीं साइबर ठगी के मामले में भी पुलिस की विशेष टीमें बैंक खातों और आईपी एड्रेस को ट्रैक करने में जुट गई हैं। पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि कानून को हाथ में लेने वाले या तकनीकी रूप से जनता को लूटने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। कोतवाली पुलिस की इस त्वरित सक्रियता और गंभीर जांच प्रक्रिया को देखते हुए उम्मीद है कि दोनों ही मामलों के शातिर सरगना बहुत जल्द सलाखों के पीछे होंगे।
