अनिल पुष्प भंडार के संचालक अनिल सैनी 'भालू माली' का असामयिक निधन,क्षेत्र में शोक की लहर
Junaid Khan - शहडोल। नगर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र गांधी चौक स्थित 'अनिल पुष्प भंडार' के संचालक और सर्वधर्म समभाव की मिसाल माने जाने वाले अनिल सैनी (भालू माली) का शुक्रवार, 2 अक्टूबर की शाम असामयिक निधन हो गया। लगभग 35 से 40 वर्ष की अल्पआयु में हुए इस वज्रपात से पूरा नगर स्तब्ध और शोकाकुल है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब 6:00 बजे जब वे अपने निवास स्थान पर सामान्य रूप से कार्य कर रहे थे, तभी अचानक साइलेंट अटैक आने से वे जमीन पर गिर पड़े। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल ले गए, जहाँ चिकित्सकों ने परीक्षण के उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके अचानक इस तरह चले जाने से परिजनों, व्यापारिक जगत और शुभचिंतकों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
गंगा-जमुनी तहज़ीब और सामाजिक समरसता के सच्चे संवाहक थे अनिल
अनिल सैनी केवल एक व्यवसायी नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं से भरे एक अप्रतिम व्यक्तित्व के धनी थे। वे अक्सर कहा करते थे कि जिस तरह फूल हर धर्म, हर पूजा-इबादत और हर द्वार पर बिना किसी भेदभाव के महकते हैं, उसी तरह इंसान का दिल भी सभी के लिए उदार होना चाहिए।" इस विचार को उन्होंने जीवन भर जिया। गोपारू स्थित मजार पर उर्स के दौरान लंगर-भंडारे के आयोजन से लेकर हर हफ्ते चादर और ताजे फूल भिजवाने में उनकी गहरी आस्था थी। वहीं दूसरी ओर, नगर के दुर्गा मंदिर में भी त्योहारों के अतिरिक्त प्रति सप्ताह उनकी ओर से नि:शुल्क पुष्प सेवा अर्पित की जाती थी। यदि उन्हें ज्ञात होता कि कोई निर्धन व्यक्ति भगवान के दरबार में या किसी धार्मिक अनुष्ठान के लिए फूल लेने आया है, तो वे अपनी ओर से हजारों रुपये के पुष्प सहर्ष भेंट कर देते थे। धार्मिक कार्यों के साथ-साथ गरीबों, असहायों और बच्चों की निस्वार्थ मदद करना उनके दैनिक जीवन का हिस्सा था।
शनिवार दोपहर शांति वन मुक्तिधाम में होगा अंतिम संस्कार
सामाजिक समरसता, उदारता और निस्वार्थ जनसेवा के पर्याय रहे अनिल सैनी का इस तरह असमय जाना पूरे क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनका सहज, सरल और मिलनसार स्वभाव सदैव नगरवासियों के स्मृतियों में जीवित रहेगा। दिवंगत आत्मा का अंतिम संस्कार दिनांक 03 अक्टूबर 2026, शनिवार दोपहर 12:00 बजे बुढ़ार रोड स्थित शांति वन मुक्तिधाम में किया जाएगा। ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार व उनके असंख्य प्रशंसकों को इस असह्य दुख को सहन करने की शक्ति दे। ॐ शांति! शांति! शांति!
