सरकार के फरमान पर नोडल कंपनी का अड़ंगा,नियमितीकरण की फाइल दबाकर बैठे जिम्मेदार अफसर,तकनीकी कर्मचारियों में भारी आक्रोश

ऊर्जा विभाग की हरी झंडी के बाद भी नोटिफिकेशन जारी न होने से हजारों संविदा लाइन परिचारकों का भविष्य अधर में,संघ ने दिया 7 दिनों का अल्टीमेटम,उग्र आंदोलन की दी चेतावनी


Junaid Khan - शहडोल। डिंडोरी/मंडला/अनूपपुर/उमरिया:मध्यप्रदेश में अपनी जान जोखिम में डालकर चौबीसों घंटे प्रदेश को रोशन रखने वाले बिजली विभाग के जांबाज संविदा कर्मचारियों के हक पर नोडल कंपनी की लालफीताशाही भारी पड़ती दिख रही है। ऊर्जा विभाग और शासन स्तर से सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद भी नोडल कंपनी (म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, जबलपुर) नवीन नियुक्ति योजना का नोटिफिकेशन जारी करने में अनावश्यक टालमटोल कर रही है। वर्षों से विपरीत परिस्थितियों, भयंकर बारिश, भीषण गर्मी और कड़ाके की ठंड में खंभों पर चढ़कर बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने वाले संविदा लाइन परिचारकों, परीक्षण सहायकों और तकनीकी स्टाफ के साथ हो रहे इस प्रशासनिक खिलवाड़ को लेकर अब आर-पार की लड़ाई का बिगुल बज चुका है। म.प्र. विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष श्री प्रदीप कुमार द्विवेदी एवं शहडोल क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष श्री बृजभान सूर्यवंशी ने नोडल कंपनी और गैर-जिम्मेदार प्रशासनिक रवैये पर कड़ा प्रहार करते हुए 04 अहम बिंदुओं पर जवाब तलब किया है। ऊर्जा विभाग से अनुमोदित नियमितीकरण योजना का प्रारूप वर्तमान में किस अधिकारी की टेबल पर अटका हुआ है? जब प्रदेश की सभी 6 बिजली कंपनियों ने अपनी लिखित सहमति दे दी है, तो नोटिफिकेशन जारी करने में अड़ंगा कौन लगा रहा है? क्या नोडल कंपनी के शीर्ष अधिकारी जानबूझकर शासन के स्पष्ट निर्देशों और आदेशों को ठंडे बस्ते में डाल रहे हैं?संविदा कर्मियों को नियमित करने की स्पष्ट समय-सीमा कब तक घोषित की जाएगी? संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिजली विभाग के ये संविदा कर्मचारी दिन-रात मेहनत कर राजस्व वसूली से लेकर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं। इन कर्मठ कर्मचारियों की निष्ठा और मेहनत के बदौलत ही बिजली तंत्र सुचारू रूप से संचालित हो रहा है। इसके बावजूद, शासन के निर्देशों को दरकिनार कर नोडल कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी फाइलों को अटकाकर 4 से 5 हजार संविदा कर्मचारियों और उनके परिजनों के मानसिक उत्पीड़न का कारण बन रहे हैं। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 07 दिवस के भीतर वस्तु-स्थिति स्पष्ट करते हुए नियमितीकरण का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया, तो पूरे प्रदेश में तकनीकी कर्मचारी संघ की अगुवाई में उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जवाबदेही नोडल कंपनी और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की होगी।

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