तालाब पर कब्जा, रास्ता बंद शहडोल में दबंगई का खुला खेल,प्रशासन बना मूकदर्शक

बाउंड्री खड़ी कर आम जनता का रास्ता रोका, विरोध पर विवाद,गंदा पानी तालाब में मोड़कर फैलाया जा रहा जहर



Junaid Khan - शहडोल। जिले में कानून व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां खुलेआम दबंगई करते हुए तालाब तक जाने वाले सार्वजनिक रास्ते पर कब्जा कर लिया गया, लेकिन जिम्मेदार प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। मामला सोहागपुर क्षेत्र का है, जहां स्थानीय निवासी शुमदीप खरे पर आरोप है कि उन्होंने तालाब की मेढ़ की ओर जाने वाले रास्ते पर बाउंड्री खड़ी कर कब्जा जमा लिया। नतीजा पूरा मोहल्ला रास्ते के लिए तरस रहा है और लोग बुनियादी जरूरत, पानी तक के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वार्ड वासी का आरोप है कि जब भी वे तालाब की ओर जाने की कोशिश करते हैं, उन्हें रोका जाता है, विवाद किया जाता है और माहौल जानबूझकर तनावपूर्ण बनाया जाता है। क्या अब पानी लेने जाना भी जुर्म बन गया है? विरोध करने पर विवाद, धमकाने की कोशिश और उधर जिम्मेदार अधिकारी चुप। सवाल सीधा है। क्या कानून सिर्फ कागजों के लिए है? क्या कार्रवाई सिर्फ सुर्खियों तक सीमित है?

सबसे चौंकाने वाला पहलू नाली का गंदा पानी तालाब में मोड़ा जा रहा है। यानी एक तरफ जलस्रोत पर कब्जा, दूसरी तरफ उसी को जहरीला बनाने का खेल! ये सिर्फ अतिक्रमण नहीं, जनता के स्वास्थ्य और पर्यावरण के खिलाफ खुली चुनौती है। इतना ही नहीं, इस दबंगई का असर विकास कार्यों पर भी पड़ा है। सीवर लाइन का काम पूरी तरह ठप हो चुका है, जिससे आमजन को गंदगी और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हद तो तब हो गई जब नाली का गंदा पानी सीधे तालाब की ओर मोड़ दिया गया। यानी एक तरफ रास्ता बंद, दूसरी तरफ जीवनदायिनी जलस्रोत को जहरीला बनाने की साजिश! यह सिर्फ अतिक्रमण नहीं, बल्कि पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के साथ खुला खिलवाड़ है। सबसे बड़ा सवाल क्या प्रशासन को यह सब दिखाई नहीं दे रहा, या फिर जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है?

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