3–4 दिन से भर्ती युवक अचानक हुआ था गायब,पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की जांच
Junaid Khan - शहडोल। जिला चिकित्सालय की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। अस्पताल के मेडिकल वार्ड से लापता हुए युवक का शव रविवार सुबह सोहागपुर थाना क्षेत्र के कोनी स्थित एक खेत में मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। क्या है पूरा मामला। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम लफ्दा निवासी 32 वर्षीय यमुना प्रसाद वर्मन (पिता निहेश प्रसाद वर्मन) को तेज बुखार की शिकायत पर 23 अप्रैल को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मेडिकल वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरू किया था। बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह करीब 4 बजे परिजनों ने देखा कि युवक अपने बिस्तर पर मौजूद नहीं है। इसके बाद पूरे दिन परिजन अस्पताल परिसर, शहर और आसपास के इलाकों में उसकी तलाश करते रहे, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।
रविवार को मिला शव, फैली सनसनी रविवार सुबह कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने की प्रक्रिया चल ही रही थी कि सूचना मिली कि कोनी स्थित एक खेत में अज्ञात युवक का शव पड़ा हुआ है। पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे, जहां शव की पहचान यमुना प्रसाद वर्मन के रूप में हुई। यह खबर फैलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई। अस्पताल प्रबंधन पर उठे सवाल
इस पूरे मामले ने जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में न तो पर्याप्त निगरानी है और न ही मरीजों की सुरक्षा का कोई ठोस इंतजाम। सवाल यह भी उठ रहा है कि एक भर्ती मरीज आखिर अस्पताल से कैसे गायब हो गया और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। पुलिस जांच में जुटी। पुलिस ने मौके पर पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि युवक की मौत प्राकृतिक है, दुर्घटनावश हुई है या इसके पीछे कोई और कारण है। परिजनों का आरोप और मांग। मृतक के परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते अस्पताल प्रशासन सतर्क रहता, तो शायद युवक की जान बचाई जा सकती थी। स्थानीय लोगों में आक्रोश। घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों में भी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि जिला अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में इस तरह की लापरवाही बेहद चिंताजनक है और प्रशासन को इस पर तत्काल सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। निष्कर्ष। फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। वहीं, यह घटना स्वास्थ्य व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र की पोल खोलती नजर आ रही है। अब देखना होगा कि जांच के बाद इस पूरे मामले में क्या सच्चाई सामने आती है और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।
