शहडोल में सनसनी: नूरी मस्जिद के पास बाबा फ़क़ीर की निर्मम हत्या,गश्त पर उठे सवाल
Junaid khan - शहडोल। पुरानी बस्ती स्थित नूरी मस्जिद और मजार के पास रेलवे लोको कॉलोनी के एक मकान में रहने वाले लगभग 60 से 70 वर्ष के वृद्ध, जिन्हें मोहल्ले के लोग प्यार से “दद्दा” और “बाबा फ़क़ीर” कहकर पुकारते थे, की गुरुवार 26 फरवरी 2026 की सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है और पुलिस गश्त की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भीख से जीवन,लोगों की मदद से गुजर-बसर
बताया जाता है कि बाबा फ़क़ीर वर्षों पहले भीख मांगकर अपना जीवन यापन करते थे। उम्र बढ़ने और शरीर के जवाब देने के बाद मोहल्ले के लोगों ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए उनकी जिम्मेदारी अपने ऊपर ले ली थी। किसी ने सुबह का नाश्ता तय कर लिया था, कोई दिन का भोजन पहुंचाता था, तो कोई रात का खाना देता था। कई लोग पैसे, कपड़े, जूते-चप्पल और दवाइयों की व्यवस्था कर उनकी सेवा करते थे। मोहल्ले के लोगों के अनुसार बाबा बेहद नेक और सरल स्वभाव के इंसान थे। उनके पास हर धर्म के लोग हिंदू और मुस्लिम आते थे और उनका आशीर्वाद लेते थे। लोगों का विश्वास था कि बाबा की दुआ से परेशानियां दूर हो जाती थीं।
सुबह नाश्ता देने पहुंचे व्यक्ति ने देखा खौफनाक मंजर
सूत्रों के मुताबिक गुरुवार सुबह जब एक व्यक्ति रोज की तरह बाबा को नाश्ता देने पहुंचा तो मकान का दरवाजा खुला मिला। अंदर का दृश्य देखकर वह सन्न रह गया बाबा खून से लथपथ पड़े थे। सिर के पीछे और नाक पर किसी भारी वस्तु से वार किए जाने के निशान बताए जा रहे हैं।
तुरंत कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची, जांच-पड़ताल कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।
नशेड़ियों पर शक, पहले भी करते थे परेशान
मोहल्ले के लोगों ने आशंका जताई है कि कुछ नशेड़ी तत्व पहले भी बाबा को परेशान करते थे। उनका मानना है कि लाचार वृद्ध से पैसे छीनने की नीयत से यह वारदात अंजाम दी गई हो सकती है। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया है और जांच जारी होने की बात कही है।
बीच मोहल्ले में हत्या, गश्त पर खड़े हुए सवाल
घटना पुरानी बस्ती जैसे घनी आबादी वाले इलाके में हुई है, जहां रात में भी लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि उस रात पुलिस गश्त कहां थी? स्थानीय लोगों का कहना है कि अक्सर चौराहों पर पुलिस दिखाई देती है और कॉलोनी में गश्त भी होती है, लेकिन घटना वाली रात कोई निगरानी नजर नहीं आई। बीच मोहल्ले में एक बुजुर्ग की हत्या ने पुलिस की सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। क्या गश्त में लापरवाही इस वारदात की वजह बनी? क्या समय रहते निगरानी होती तो एक निर्दोष की जान बचाई जा सकती थी?
गरीब बुजुर्ग की हत्या,न्याय की आस
इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि बाबा का कोई सगा-संबंधी नहीं था, ऐसे में पूरे मोहल्ले ने ही उन्हें अपना माना था। अब सभी की नजरें पुलिस जांच पर टिकी हैं क्या आरोपियों तक पुलिस पहुंच पाएगी या मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा? फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। लेकिन यह घटना न सिर्फ एक हत्या है, बल्कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल भी है। शहडोल पुलिस के लिए यह एक बड़ी चुनौती है कि वह जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़कर न्याय दिलाए और लोगों का भरोसा बहाल करे।
