शहडोल में रमज़ान 2026 का आगाज़: जबलपुर से चांद की तस्दीक,आज पहला रोज़ा

शहडोल में रमज़ान 2026 का आगाज़: जबलपुर से चांद की तस्दीक,आज पहला रोज़ा


Junaid khan- शहडोल। जबलपुर से मुफ्ती-ए-आज़म मध्यप्रदेश (अहल-ए-सुन्नत वल जमात) द्वारा रमज़ान 2026 के चांद की तस्दीक किए जाने के बाद शहडोल में भी आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है। इसके साथ ही गुरुवार, 19 फरवरी 2026 को पहला रोज़ा रखा जाएगा। अल्हम्दुलिल्लाह, शहर में इबादतों का सिलसिला शुरू हो गया है और मस्जिदों में रौनक बढ़ गई है।

आधी रात तक चला इंतजार,फोन आते ही हुआ ऐलान

दिनांक 18 फरवरी 2026 की रात लगभग 12 बजे अंजुमन जामा मस्जिद शहडोल में बैठक जारी थी। शहरवासियों को भोपाल व जबलपुर से आधिकारिक तस्दीक का इंतजार था। जैसे ही जबलपुर से फोन पर चांद दिखने की पुष्टि हुई, जामा मस्जिद शहडोल के इमाम मौलाना आरिफ साहब ने मस्जिद से रमज़ान का ऐलान कर देशवासियों को मुबारकबाद दी। बताया गया कि झींक-बिजुरी क्षेत्र से भी चांद देखे जाने की तस्दीक मिली, जहां करीब 20 लोगों ने अपनी आंखों से चांद देखने की गवाही दी। मध्यप्रदेश के आधे से अधिक हिस्सों में पहले ही तस्दीक हो चुकी थी, लेकिन शहडोल में अंतिम पुष्टि के बाद ही ऐलान किया गया।

तरावीह में हुई देरी, सेहरी से पहले पढ़ने की अपील

ऐलान देर रात होने के कारण बुधवार को तरावीह की नमाज़ अदा नहीं हो सकी। इस पर मौलाना आरिफ साहब ने बताया कि जिन हजरात को तरावीह पढ़नी है, वे सेहरी का वक्त खत्म होने से पहले तरावीह अदा कर सकते हैं। उन्होंने इसे “सवाब कमाने का एक और जरिया” बताते हुए लोगों को ज्यादा से ज्यादा इबादत की नसीहत दी।

शहडोल में सेहरी और इफ्तार का वक्त

सेहरी का आखिरी वक्त: सुबह 05:16 बजे

इफ्तार का वक्त: शाम 06:07 बजे

शहर में चांद की तस्दीक के बाद बाजारों में भी रौनक लौट आई है। लोगों ने एक-दूसरे को रमज़ान की मुबारकबाद दी और इबादत, रोज़ा व नमाज़ की तैयारियां शुरू कर दीं। रमज़ान का यह मुकद्दस महीना रहमत, बरकत और मगफिरत का पैगाम लेकर आया है। अंजुमन जामा मस्जिद शहडोल ने सभी रोजेदारों से अपील की है कि वे आपसी भाईचारे और अमन-चैन के साथ इबादत करें और समाज में एकता का संदेश दें। रमज़ान मुबारक!

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