रक्तवीर हिमांशु तिवारी ने 34वीं बार किया रक्तदान,जीवन दान का दिया संदेश
Junaid Khan - शहडोल। सँभाग के जिले उमरिया में कुछ लोगों में दूसरों की मदद करने का ऐसा जुनून होता है कि वह अपना खून पसीना भी डोनेट कर देते हैं. मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में भी एक युवक ऐसा है कि जिसे ब्लड मैन के नाम से जाना जाता है. सूचना लगने पर वह तुरंत ही ब्लड डोनेट करने के लिए पहुंच जाते हैं. इसने कई लोगों की अपने ब्लड से जान बचाई है. 18 साल की उम्र से यह युवक ब्लड डोनेट कर रहा है. हर 3 महीने में यह युवक ब्लड डोनेट करता है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जिला चिकित्सालय उमरिया ब्लड बैंक अधिकारी डॉ० मुकुल तिवारी के मार्गदर्शन पर अक्षय तृतीया के अवसर पर पाली में आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में रक्त वीर हिमांशु तिवारी ने 34वीं में रक्तदान कर मानवता की मिसाल पेश की।नियमित रूप से रक्तदान कर रहे हिमांशु अब तक कई जरूरतमंदों की मदद कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि रक्तदान से किसी को नया जीवन मिलता है, इसलिए हर स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर रक्तदान करना चाहिए। उनके इस कार्य से अन्य युवाओं को भी प्रेरणा मिल रही है।उन्होंने कहा कि रक्तदान महादान है तथा सभी को इस पुनीत कार्य में भागीदारी सुनिश्चित बनानी चाहिए। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि रक्तदान जैसे परोपकार के कार्य में बढ़चढ़ कर भाग लें क्योंकि उनके द्वारा दिया गया रक्त अमूल्य मानव जीवन को बचाने में सहायक हो सकता है। रक्तवीर हिमांशु ने कहा कि वे सामाजिक कार्यकर्ता हैं और रक्तदान के लिए लोगों को प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि रक्तदान से रक्तदाता को भी कई लाभ हैं और उनके रक्त से कई पीड़ितों की जान बच जाती है।उन्होंने कहा कि थैलीसिमिया के मरीजों के लिए वे कैंप भी लगवाते हैं।उनका कहना है कि रक्तदान महादान होने के साथ-साथ दूसरों की रक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण दान है. लोगों को जागरूक होने की जरूरत है. उनका कहना है कि 18 से 50 वर्ष का कोई भी व्यक्ति रक्तदान कर सकता है यदि वह 1 साल में तीन बार भी रक्तदान करे तो शारीरिक रूप से उक्त व्यक्ति की क्षमता उतनी ही बनी रहेगी।
