शटर खटखटाओ,शराब पाओ: इंदिरा चौक की दुकान में ‘गुप्त खिड़की’ से रातभर धंधा, नियम बने मजाक

शटर खटखटाओ,शराब पाओ: इंदिरा चौक की दुकान में ‘गुप्त खिड़की’ से रातभर धंधा, नियम बने मजाक 


Junaid Khan - शहडोल। जिले के इंदिरा चौक स्थित कंपोजिट शराब दुकान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में साफ दिख रहा है कि दुकान बंद होने के बाद भी ‘गुप्त खिड़की’ के जरिए पूरी रात शराब बेची जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां शराब खरीदना अब किसी नियम-कानून का नहीं, बल्कि एक “संकेत” का खेल बन गया है बस शटर खटखटाइए, नीचे से छोटी खिड़की खुलेगी, पैसा दीजिए और शराब ले जाइए। यह तरीका इतना आम हो चुका है कि इलाके में यह एक “ओपन सीक्रेट” बन गया है। 

रात के अंधेरे में खुला कारोबार 

वायरल वीडियो में दिख रहा है कि मुख्य दरवाजा बंद होने के बावजूद, अंदर से पूरी व्यवस्था चालू रहती है। छोटी सी खिड़की के जरिए ग्राहकों को शराब थमाई जा रही है, मानो नियमों को जानबूझकर ठेंगा दिखाया जा रहा हो। सवाल यह है कि जब दुकान आधिकारिक रूप से बंद रहती है, तो अंदर यह गतिविधि किसके इशारे पर चल रही है?

एमआरपी से ज्यादा दाम, दोहरी मार

स्थानीय शिकायतों के मुताबिक, यहां न सिर्फ समय सीमा का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि शराब एमआरपी से अधिक कीमत पर बेची जा रही है। यानी ग्राहकों को नियमों के खिलाफ सेवा भी मिल रही है और जेब पर अतिरिक्त बोझ भी डाला जा रहा है।

प्रशासन की चुप्पी सवालों के घेरे में सिस्टम

इतनी खुली व्यवस्था के बावजूद प्रशासन की चुप्पी लोगों को खटक रही है। क्या जिम्मेदार विभाग को इस खेल की जानकारी नहीं है, या फिर सब कुछ जानकर भी अनदेखा किया जा रहा है? आबकारी विभाग की भूमिका पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

जनता का गुस्सा,कार्रवाई की मांग तेज

स्थानीय नागरिकों में इस पूरे मामले को लेकर भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि अगर इसी तरह नियमों की धज्जियां उड़ती रहीं, तो कानून का डर खत्म हो जाएगा। उन्होंने प्रशासन से तत्काल जांच कर सख्त कार्रवाई करने और इस अवैध बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की है। इंदिरा चौक की यह ‘गुप्त खिड़की’ अब सिर्फ एक दुकान की कहानी नहीं रही, बल्कि यह पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल बन गई है। अब देखना यह है कि वायरल वीडियो के बाद प्रशासन जागता है या फिर यह “खिड़की” यूं ही रातभर खुली रहती है।

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