विधायक जयसिंहनगर श्रीमती मनीषा सिंह ने कार्यक्रम को किया संबोधित
Junaid Khan - शहडोल। 20 सितम्बर 2026। सृजा कॉम्प्लेक्स शहडोल में एकल अभियान के अंतर्गत पंचमुखी शिक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को विधायक जयसिंहनगर श्रीमती मनीषा सिंह ने संबोधित किया। उन्होंने पंचमुखी शिक्षा के विभिन्न आयामों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में इसके महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में बताया गया कि एकल अभियान की पंचमुखी शिक्षा केवल बच्चों के बौद्धिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से शरीर, संस्कार, संस्कृति, व्यक्तित्व एवं सामाजिक चेतना के समग्र विकास पर जोर दिया जाता है। पंचमुखी शिक्षा के पाँच प्रमुख आयाम प्राथमिक शिक्षा, आरोग्य शिक्षा, ग्राम विकास शिक्षा, जागरण शिक्षा (ग्राम स्वराज शिक्षा) एवं संस्कार शिक्षा हैं। प्राथमिक शिक्षा के अंतर्गत 4 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों को भाषा, गणित, सामान्य ज्ञान, स्वास्थ्य, कहानियों, गीत, खेल, योग एवं रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा प्रदान की जाती है। ई-शिक्षा के माध्यम से आधुनिक तकनीक को भी शिक्षण प्रक्रिया से जोड़ा गया है। आरोग्य शिक्षा के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता, स्वच्छता, पोषण एवं योग को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाता है। ग्राम विकास शिक्षा के अंतर्गत जैविक खेती, पोषण वाटिका, कौशल प्रशिक्षण, कंप्यूटर शिक्षा, वृक्षारोपण, जल संरक्षण एवं ग्राम आधारित रोजगार गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जाता है। जागरण शिक्षा के माध्यम से ग्रामीणों को उनके संवैधानिक अधिकारों एवं कर्तव्यों, पंचायती राज व्यवस्था, सरकारी योजनाओं, सूचना के अधिकार एवं नागरिक सहभागिता के प्रति जागरूक किया जाता है। वहीं संस्कार शिक्षा के अंतर्गत जीवन मूल्यों, अनुशासन, सेवा, एकता एवं सामाजिक समरसता की भावना को मजबूत करने के लिए कथा, भजन, सत्संग, योग एवं विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। कार्यक्रम में बताया गया कि पंचमुखी शिक्षा केवल शिक्षा प्रदान करने की व्यवस्था नहीं, बल्कि ग्राम जीवन के समग्र परिवर्तन का व्यापक मॉडल है। इसके माध्यम से बच्चे को शिक्षित, परिवार को स्वस्थ, किसान को सक्षम, युवा को कुशल, नागरिक को जागरूक तथा समाज को संस्कारित बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
