सांसद हिमाद्री सिंह और पूर्व प्रत्याशी नरेंद्र मरावी का आपसी सहमति से तलाक, राजेंद्रग्राम जिला न्यायालय ने सुनाया फैसला
Junaid Khan - शहडोल। अनुपपुर राजेंद्रग्राम: मध्य प्रदेश के संसदीय क्षेत्र शहडोल की भाजपा सांसद हिमाद्री सिंह और पूर्व भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र सिंह मरावी का वैवाहिक संबंध कानूनी प्रक्रिया के तहत आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है। राजेंद्रग्राम (अनूपपुर) के जिला न्यायालय ने हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13-बी के तहत पारस्परिक सहमति (Mutual Consent) के आधार पर विवाह विच्छेद की अंतिम डिक्री पारित की है। यह मामला भारतीय न्याय व्यवस्था और प्रशासनिक सजगता का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है, जहां अदालत ने बिना किसी पक्षपात के पूरी संवैधानिक मर्यादा, गोपनीयता और तटस्थता के साथ 3 सितंबर 2026 को अंतिम फैसला सुनाया। राजेंद्रग्राम कोर्ट के न्यायाधीश एवं संबंधित न्यायिक अधिकारियों ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थापित विधिक प्रावधानों का कड़ाई से पालन किया। 23 नवंबर 2017 को परिणय सूत्र में बंधे इस दंपत्ति के बीच उत्पन्न मतभेदों के बाद वे 5 मई 2021 से पृथक रह रहे थे। न्यायालय ने कानूनी प्रक्रियाओं के अनुरूप दोनों पक्षों को पुनर्विचार हेतु 6 महीने का अनिवार्य 'कूलिंग-ऑफ पीरियड' प्रदान किया तथा सुलह के लिए काउंसलिंग के समुचित प्रयास भी किए। जब 6 महीने की तय अवधि के पश्चात भी दोनों पक्षों ने एक साथ रहने में असमर्थता व्यक्त की, तब अदालत ने कानून के दायरे में रहकर निष्पक्षता से फैसला सुनाया। कोर्ट के समक्ष दोनों पक्षों ने पुष्टि की कि जेवरात अथवा उपहारों के लेन-देन को लेकर उनके बीच कोई विवाद शेष नहीं है। इस पूरे प्रकरण में प्रशासनिक दूरदर्शिता, परिपक्वता और पारिवारिक मूल्यों का अनुकरणीय उदाहरण देखने को मिला है। दोनों की 5 वर्ष की पुत्री गिरिशा सिंह (जन्म 20 जून 2019) की पूर्ण कस्टडी सांसद हिमाद्री सिंह के पास रहेगी। सांसद हिमाद्री सिंह ने अपनी पुत्री के पालन-पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य का समस्त दायित्व स्वयं उठाने का निर्णय लिया है तथा पति नरेंद्र मरावी से किसी भी प्रकार का गुजारा भत्ता (Alimony) लेने से स्पष्ट इनकार कर दिया है। जनप्रतिनिधियों द्वारा दिखाया गया यह रुख और न्यायिक तंत्र की त्वरित व नियमपरक कार्यशैली यह साबित करती है कि भारतीय कानून व्यवस्था में हर नागरिक के लिए न्याय की प्रक्रिया समान और सर्वोपरि है।
