बजरंग दल के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष के चाचा पर कट्टे-पिस्टल से हमले का प्रयास,पुलिस गश्त के दावों की खुली पोल,जिम्मेदार अधिकारी मौन
Junaid Khan - शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में पुलिस प्रशासन का खौफ अपराधियों के दिलो-दिमाग से पूरी तरह काफूर हो चुका है। सरेराह गुंडागर्दी, अवैध धंधे और अवैध हथियारों की नुमाइश अब इस जिले की नियति बनती जा रही है। ताज़ा मामला थाना कोतवाली अंतर्गत वार्ड नंबर 21 (गुरुद्वारा के सामने) का है, जहाँ बेखौफ बदमाशों ने सरेशाम कानून व्यवस्था की धज्जियाँ उड़ाते हुए एक बड़ी वारदात को अंजाम देने की कोशिश की। हद तो तब हो गई जब हाल ही में बजरंग दल के जिलाध्यक्ष नियुक्त हुए आकाश दीप साहू उर्फ लक्की साहू के परिजनों को सीधा निशाना बनाने की नीयत से दो नकाबपोश बदमाशों ने पिस्टल तान दी। शहर के अति-व्यस्त क्षेत्र गांधी चौक और गुरु नानक चौक पर घटी इस दुस्साहसिक घटना ने न केवल आम नागरिकों में दहशत का माहौल कायम कर दिया है, बल्कि जिला पुलिस और स्थानीय प्रशासन के सुस्त रवैये की पोल खोलकर रख दी है। सवाल यह उठता है कि क्या शहडोल में अब अपराधी तय करेंगे कि कौन सुरक्षित रहेगा और कौन नहीं?
मैगजीन गिरी फिर भी नहीं डिगा खौफ,एकता बिल्डिंग की तरफ भागे बदमाश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी श्रीचन्द्र साहू (उम्र 55 वर्ष, निवासी वार्ड न. 21 गुरुद्वारा के सामने, कोतवाली शहडोल) दिनांक 09 सितंबर 2026 की रात लगभग 09:15 बजे अपने घर के बाहर खड़े थे। तभी होंडा लीवो नीले रंग की मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए दो अज्ञात नकाबपोशों ने उन्हें घेर लिया। मोटरसाइकिल के पीछे बैठे बदमाश ने जैसे ही जान से मारने की नीयत से पिस्टल निकाली, हड़बड़ाहट में उसकी मैगजीन नीचे गिर गई। बदमाश ने बेखौफ होकर तुरंत मैगजीन उठाई और प्रार्थी का पीछा करना शुरू कर दिया। जान बचाने के लिए प्रार्थी जब गांधी चौक भीड़भाड़ की ओर भागे और अपने भतीजे (बजरंग दल जिलाध्यक्ष आकाश दीप साहू) को फोन पर पूरी आपबीती बताई, तो आकाश दीप साहू गुरु नानक चौक पर उन्हें रोकने पहुँचे। लेकिन बेखौफ बदमाशों ने वहां भी पिस्टल लहराते हुए दहशत फैलाई और एकता बिल्डिंग की ओर आसानी से फरार हो गए। पुलिस गश्त केवल कागजों तक सीमित,जिम्मेदार मौन घटना के वक्त गुरु नानक चौक पर पुलिस अधिकारी मौजूद थे, जिन्हें पीड़ित ने तुरंत पूरी घटना से अवगत कराया। इसके बावजूद बदमाशों की धरपकड़ न होना और कोतवाली पुलिस द्वारा महज आवेदन लेकर रस्म अदायगी करना पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवालिया निशान खड़ा करता है। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और कोतवाली थाना प्रभारी की सुस्ती का ही नतीजा है कि शहर में अवैध गतिविधियों और हथियार बंद बदमाशों का बोलबाला बढ़ता जा रहा है। यदि नव-नियुक्त जिलाध्यक्ष के परिवार के साथ शहर के बीचों-बीच ऐसी जानलेवा घटना घटित हो सकती है, तो आम नागरिक की सुरक्षा का क्या आलम होगा? क्या जिला पुलिस प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है? स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन व पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले की गहन तस्दीक कर सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएं और बेखौफ घूम रहे इन अपराधियों को तुरंत गिरफ्तार कर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाए।
