अवैध निर्माणों और सरकारी धन की बंदरबांट पर चुप बैठे जिम्मेदार, जन-प्रतिनिधियों ने बुलंद की न्याय की आवाज
Junaid Khan - शहडोल। धनपुरी नगरपालिका क्षेत्र में विकास के नाम पर हो रहे संस्थागत भ्रष्टाचार, अवैध निर्माणों और शासकीय धन के खुलेआम दुरुपयोग ने अब एक भीषण राजनीतिक व प्रशासनिक बवंडर का रूप ले लिया है। नगर की जनता की गाढ़ी कमाई और सरकारी बजट को जिस निर्लज्जता से ठिकाने लगाया जा रहा है, उसने स्थानीय प्रशासन, शासन-सत्ता, विधायक, सांसद तथा संबंधित मंत्रियों तक की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। इस पूरे मामले में जहां जिम्मेदार अधिकारी, मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO), अध्यक्ष व उपाध्यक्ष और क्षेत्र के दिग्गज जनप्रतिनिधि आंखें मूंदकर मूकदर्शक बने बैठे हैं, वहीं जनता के वास्तविक दर्द को समझते हुए चार समर्पित पार्षदों आनंद कचेर, प्रवीण बड़ोलिया, भोला पनिका और स्कंध सोनी ने शासन और भ्रष्ट गठजोड़ के खिलाफ खुला मोर्चा खोलकर अदम्य साहस का परिचय दिया है। जनता के हित में निर्भीक होकर उठाई गई इन पार्षदों की यह आवाज आज पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है, जिन्होंने अपनी ही व्यवस्था के भीतर व्यापत भ्रष्टाचार को उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया है। नगरपालिका परिसर में चल रही वित्तीय अनियमितताओं और मनमानी की परतें उधड़ते हुए पार्षदों ने स्पष्ट किया कि बिना विधिक स्वीकृतियों के करोड़ों रुपये का गोलमाल किया जा रहा है। विशेष रूप से एसईसीएल (SECL) की जमीनों पर बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त किए करोड़ों रुपये की राशि सौंदर्यीकरण और फर्जी निर्माण कार्यों के नाम पर बहाई जा रही है। हैरानी की बात यह है कि जिन जमीनों पर एसईसीएल स्वयं अपने निर्माण कार्य संचालित करता है, उन्हीं स्थलों पर नगरपालिका का भ्रष्ट ढांचा दोहरा बजट आवंटित कर सरकारी खजाने को चूना लगा रहा है। इस पूरे अवैध कारोबार में नगरपालिका के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी और अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की मौन सहमति स्पष्ट नजर आ रही है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, स्थानीय विधायक और सांसद भी इस बंदरबांट पर रहस्यमयी चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे यह संदेश जा रहा है कि उच्च स्तर तक प्रशासनिक व राजनीतिक शह प्राप्त है। नियम-कायदों को ताक पर रखकर किए जा रहे इन संदिग्ध कार्यों ने पूरे धनपुरी में आक्रोश की ज्वाला भड़का दी है। व्यवस्था को सुधारने और इस भ्रष्टाचार के जाल को ध्वस्त करने के लिए चारों जनहितैषी पार्षदों ने अब इस लड़ाई को प्रदेश की राजधानी तक ले जाने का निर्णायक फैसला किया है। वे भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात कर इस समूचे घोटाले और जन-आक्रोश का ब्योरा सौंपेंगे। इसके साथ ही, नगरीय प्रशासन मंत्री तथा विभाग के उच्चस्तरीय सचिव से मिलकर धनपुरी में हुए इन सभी संदिग्ध व फर्जी निर्माण कार्यों की किसी निष्पक्ष और दूसरी स्वतंत्र एजेंसी से उच्चस्तरीय जांच कराने की आधिकारिक मांग करेंगे। पार्षदों का यह स्पष्ट रुख इस बात का प्रमाण है कि वे जनता की गाढ़ी कमाई की लूट को रोकने के लिए किसी भी स्तर तक जाने को तैयार हैं। यदि समय रहते इन भ्रष्ट अधिकारियों, लापरवाह जनप्रतिनिधियों और अवैध कारोबार में लिप्त लोगों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो यह जन-आक्रोश आने वाले समय में एक बड़े जन-आंदोलन का रूप धारण कर लेगा।
