सिंहपुर,गोहपारू और धनपुरी में दिनदहाड़े वारदातों से दहशत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
Junaid khan - शहडोल। जिले में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब उन्हें न तो कानून का खौफ रहा और न ही खाकी का डर। ग्रामीण व शहरी अंचलों में गश्त व्यवस्था की पोल खोलते हुए बेखौफ बदमाशों ने दिनदहाड़े चोरी की तीन बड़ी वारदातों को अंजाम देकर पुलिसिया चौकसी पर करारा तमाचा जड़ा है। सिंहपुर, गोहपारू और धनपुरी थाना क्षेत्रों में हुई इन सिलसिलेवार सेंधमारी की घटनाओं में शातिर चोर सोने-चांदी के बहुमूल्य आभूषण, पीतल के कीमती बर्तन और बड़ी तादाद में नकदी सहित करीब सवा दो लाख रुपये से अधिक के माल पर हाथ साफ कर चंपत हो गए। एक ही दिन में तीन अलग-अलग थाना इलाकों में हुई इन दुस्साहसिक वारदातों से पूरे अंचल में दहशत का माहौल निर्मित हो गया है, वहीं जिम्मेदार पुलिस अमले की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। सेंधमारी का लेखा-जोखा: कहां-क्या हुआ पार,प्राप्त जानकारी के अनुसार पहली घटना सिंहपुर थाना क्षेत्र के ग्राम केलमनियां बाजार टोला में घटी, जहां 65 वर्षीय लक्ष्मण सिंह के सुने घर में घुसे चोरों ने चांदी की करधन, पायल, 11 चांदी की अंगूठियां, सोने का लॉकेट व अंगूठी तथा पीतल के बर्तन मिलाकर करीब 40 हजार रुपये के माल पर हाथ साफ कर दिया। वहीं दूसरी वारदात गोहपारू थाना क्षेत्र के ग्राम बहेरहा में हुई, जहां 45 वर्षीय चंद्रिका प्रसाद यादव के घर का ताला तोड़कर चोर चांदी की दो करधन, एक पायल, सोने की अढ्ढी व छोटा ओम सहित अन्य सामग्री मिलाकर लगभग 64 हजार रुपये के जेवरात समेट ले गए। चोरी का तीसरा मामला धनपुरी थाना क्षेत्र के ग्राम बैगिन का है, जहां 28 वर्षीय सुनील सिंह गोंड के मकान में दिनदहाड़े दाखिल हुए अज्ञात बदमाश पेटी में रखे सोने-चांदी के गहने और 20 हजार रुपये नकद बटोर कर फुर्र हो गए।
जिम्मेदारों की कार्यशैली पर उठे सवाल,उठ रही सख्त कार्रवाई की मांग वारदातों की सूचना मिलते ही संबंधित थानों की पुलिस ने औपचारिक मामले दर्ज कर जांच-पड़ताल शुरू करने का दावा किया है, लेकिन क्षेत्रवासियों में पुलिस प्रशासन के प्रति भारी जनाक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि थानों की सुस्त कार्यप्रणाली, नाममात्र की रात्रिकालीन गश्त और उदासीन रवैये के कारण ही शातिर अपराधियों का मनोबल इस हद तक बढ़ चुका है। पीड़ित परिवारों व आम जनता ने जिला प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि मामलों में केवल खानापूर्ति करने के बजाय विशेष जांच टीमों (SIT) का गठन कर फरार चोरों की त्वरित गिरफ्तारी की जाए और चोरी गए शत-प्रतिशत माल की बरामदगी सुनिश्चित की जाए। साथ ही क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने और लापरवाह बीट प्रभारियों पर कड़ा प्रशासनिक शिकंजा कसने की भी जोरदार मांग उठ रही है।
