सड़क पर नियम तोड़ने वाले 'सरकारी अफसर' पर पुलिस सख्त,नगर परिषद बकहो के बिना रजिस्ट्रेशन दौड़ रहे 12 वाहनों पर कसा शिकंजा

ट्रैफिक पुलिस की नकेल,आरटीआई के खुलासे के बाद यातायात विभाग ने जारी किया नोटिस,कचरा गाड़ी, ट्रैक्टर, जेसीबी और फायर ब्रिगेड बिना स्थायी पंजीयन के उड़ रही थीं नियमों की धज्जियां


Junaid Khan - शहडोल। आम जनता का बिना हेलमेट या बिना फिटनेस का चालान काटने वाले प्रशासन के अपने ही महकमे जब नियमों को ठेंगे पर रखने लगें, तो सवाल उठना स्वाभाविक है। शहडोल जिले की नगर परिषद बकहो का एक बड़ा कारनामा उजागर हुआ है, जहाँ निकाय के करीब 12 से अधिक सरकारी वाहन बिना किसी स्थायी पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) और वैद्य दस्तावेजों के धड़ल्ले से सड़कों पर सरपट दौड़ रहे हैं। यह सनसनीखेज खुलासा सूचना का अधिकार (RTI) से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के बाद हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शहडोल यातायात पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है और ज़िम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली की सराहना की जा रही है, जिन्होंने आम जनता और सरकारी तंत्र के बीच भेदभाव न करते हुए नियम-कायदों का पालन कराने के लिए नगर परिषद को सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया है। एक माह का 'टेम्परेरी' पंजीयन खत्म, फिर भी सड़कों पर दौड़ते रहे वाहन। आरटीआई कार्यकर्ता सुबोध कुमार यादव द्वारा शहडोल पुलिस व यातायात विभाग को सौंपी गई शिकायत में खुलासा किया गया है कि नगर परिषद बकहो ने अपने कचरा संग्रहण वाहन (डंपर/पिकअप), ट्रैक्टर, अग्निशमन वाहन (फायर ब्रिगेड), जेसीबी और लिफ्टर मशीनों समेत कई महत्वपूर्ण वाहनों को केवल एक महीने के अस्थायी (Temporary) पंजीयन पर खरीदा था। अस्थायी अवधि समाप्त हो जाने के महीनों बाद भी निकाय प्रशासन ने न तो इनका स्थायी पंजीयन कराया और ना ही नियमानुसार रोड टैक्स व फिटनेस संबंधी औपचारिकताएं पूरी कीं। इसके बावजूद ये भारी-भरकम और खटारा वाहन रोजाना घनी आबादी वाले क्षेत्रों और मुख्य मार्गों पर बेधड़क संचालित किए जा रहे थे, जिससे न केवल राजस्व का नुकसान हो रहा है बल्कि आम नागरिकों की जान-माल के सुरक्षा मानकों से भी खिलवाड़ किया जा रहा था। मोटर यान अधिनियम का खुला उल्लंघन; क्या बिना बीमा के दौड़ रहे थे वाहन? नियमों के मुताबिक मोटर यान अधिनियम (Motor Vehicles Act, 1988) के तहत किसी भी सार्वजनिक या व्यावसायिक वाहन को बिना वैध पंजीयन, बीमा (Insurance) और फिटनेस प्रमाणपत्र के सड़क पर उतारना कानूनी अपराध है। शिकायतकर्ता ने दो बार पुलिस और यातायात अधिकारियों को पत्र भेजकर पूरे बेड़े की तत्काल जांच और मोटर व्हीकल एक्ट की सख्त धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब एक आम आदमी बिना नंबर प्लेट या कागजात के सड़क पर निकलता है तो उस पर भारी चालानी कार्रवाई की जाती है, लेकिन नगर परिषद के ज़िम्मेदार अधिकारी खुद खुलेआम ट्रैफिक नियमों को ठेंगा दिखा रहे हैं। इस पूरे मामले में यातायात पुलिस की त्वरित संज्ञान लेने वाली कार्यशैली की सराहना हो रही है, जिसने बिना किसी प्रशासनिक दबाव के कानून का राज कायम करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

अधिकारियों का पक्ष

मामले में आधिकारिक शिकायत प्राप्त हुई है और नगर परिषद बकहो को पत्राचार कर जवाब तलब किया गया है। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सभी वाहनों का वैध पंजीयन होना अनिवार्य है। नगर पालिका/परिषद से संबंधित सभी वाहनों व उनके नियमों की सूक्ष्म जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अमित कुमार विश्वकर्मा, यातायात प्रभारी (जिला शहडोल)

Previous Post Next Post