कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कलेक्टर ने किया झंडा वंदन,ली परेड की सलामी
देशभक्ति के तरानो से गूंजा शहडोल, विद्यार्थियो ने दी मनमोहक प्रस्तुतियां
Junaid khan - शहडोल। सोमवार,26 जनवरी 2026, को गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय शहडोल के महात्मा गांधी स्टेडियम में 77वॉ गणतंत्र दिवस हर्षाेल्लास,देशभक्ति एवं गरिमामयी ढंग से मनाया गया। गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। मुख्य अतिथि ने खुली जिप्सी में परेड का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक श्री रामजी श्रीवास्तव भी साथ थे। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित जन समूह का अभिवादन स्वीकार किया। गणतंत्र दिवस समारोह में पुलिस बल की टुकड़ियों ने राष्ट्रगान की धुन के साथ हर्ष फायर किया। मुख्य अतिथि द्वारा प्रदेश के मुख्यमंत्री जी का प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन किया। शान्ति के प्रतीक तीन रंगों क्रमशः केशरिया, सफेद एवं हरे रंग के गुब्बारे खुले आसमान में मुक्त किये। कार्यक्रम में विभिन्न टुकड़ियों द्वारा आकर्षक मार्चपास्ट किया गया, मुख्य अतिथि द्वारा मार्चपास्ट की सलामी ली गई। मार्चपास्ट में शामिल विभिन्न टुकड़ियों के कमान्डरों से परिचय प्राप्त कर गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों द्वारा राष्ट्रभक्ति और लोक संस्कृति से ओत-प्रोत लोक नृत्यों की प्रस्तुतियां दी गईं। विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं जनहित से जुड़ी नीतियों, उपलब्धियों पर आधारित झांकियों का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि द्वारा परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम, झांकियों के प्रदर्शन, में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले दलों तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले शासकीय सेवकों, देहदान दाताओं एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों को अतिथियों द्वारा पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र वितरित किए गए। जिले में नवाचार करते हुए परेड एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले दलों को विजेता शील्ड के साथ रनिंग शील्ड भी प्रदान किए गए। गणतंत्र दिवस समारोह में विधायक जयसिंहनगर श्रीमती मनीषा सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रभा मिश्रा, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री के.एन. सिंह, डीआईजी सुश्री सविता सुहाने, पुलिस अधीक्षक श्री रामजी श्रीवास्तव, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री राजेन्द्र सिंह, सीईओ जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, अपर कलेक्टर श्री सरोधन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक दीवान उपस्थित रहे। गणतंत्र दिवस के अवसर पर कलेक्टर एवं समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. केदार सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री का प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन करते हुये कहा कि भारत के 77 वें गणतंत्र दिवस के मंगल अवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। आज राष्ट्र के जन-गण-मन में देशभक्ति और देश के लिए गर्व का भाव सशक्त हो रहा है। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व-गुण के फलस्वरूप यह संभव हुआ है। आज संपूर्ण विश्व में भारत की गरिमा बढ़ रही है। इस पावन अवसर पर मैं भारत माता की आज़ादी के लिए हँसते-हँसते सूली चढ़ने वाले अमर शहीदों के चरणों में विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र का कुशलतापूर्वक नेतृत्व करते हुए पूरे विश्व में श्रेष्ठ छवि बनाई है। भारत को पूरी दुनिया में सम्मान की नजर से देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के विकास के लिए आव्हान किया है। मध्यप्रदेश सरकार संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। ज्ञान के मंत्र की सिद्धि की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार ने चार मिशन, युवा शक्ति, गरीब कल्याण, किसान कल्याण और नारी सशक्तिकरण प्रारंभ किए हैं। हमारे देश की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित है। खेती किसानी करने वाले भाईयों के जीवन में मुस्कान लाने के लिए बहुआयामी प्रयास किए गए। मध्यप्रदेश में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए प्रयास गत वर्ष ही प्रारंभ कर दिए गए थे। वर्ष 2002-03 में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र का बजट 600 करोड़ रुपये था, जिसे वर्ष 2024-25 में बढ़ाकर 27 हजार 50 करोड़ से अधिक किया गया। समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश की दिशा में प्रदेश में कृषि विकास का बहुआयामी मॉडल तय किया गया है, जिसमें 10 बहुउद्देशीय गतिविधियों को शामिल किया गया है। किसानों को समृद्ध बनाने के लिए मुख्य फसलों के साथ उद्यानिकी फसलों के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। आज से पाँच साल पहले उद्यानिकी क्षेत्रफल जो 20 प्रतिशत था, वह बढ़कर 23 प्रतिशत हुआ है और उत्पादन भी 344 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 425 लाख मीट्रिक टन हो गया है। मध्यप्रदेश टमाटर, धनिया, लहसुन और संतरा उत्पादन में प्रथम है। इसी तरह पुष्प उत्पादन, सीताफल, प्याज, हरी मटर, नींबू और लाल मिर्च उत्पादन में भी प्रदेश अग्रणी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का आव्हान किया है। इसके लिए सभी राज्यों को भागीदारी देनी है। अच्छी कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के फलस्वरुप विकास की गति तेज होती है। मध्यप्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति को मजबूत बनाते हुए अपराधिक तत्वों पर नियंत्रण को प्राथमिकता दी गई है। आपको बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि मध्यप्रदेश में केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित समय के पूर्व नक्सलवाद की समाप्ति का कार्य किया गया है। मध्यप्रदेश में माओवादी नक्सली तत्वों का खात्मा कर दिया गया है। नक्सलियों ने या तो आत्मसमर्पण कर दिया है या फिर वे मुठभेड़ में मारे गए हैं। समर्पित नक्सलवादियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ भी दिया जा रहा है। समाज में शांति व्यवस्था बनी रहे इस उद्देश्य से आवश्यक बल प्रदेश भर में पदस्थ किया गया है। प्रदेश में नशे के विरूद्ध जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर विकसित मध्यप्रदेश /2047 पत्र का विमोचन किया गया, जो प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत/2047 संकल्प के अनुरूप प्रदेश के दीर्घकालीन विकास की दिशा तय करेगा। जनभागीदारी को मजबूत करने के लिए प्रदेश के 313 विकासखंडों में मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। खनन क्षेत्र में निरंतर सुधार, नवाचार तथा बेहतर प्रशासनिक दक्षता के लिए भारत सरकार द्वारा जारी स्टेट माइनिंग रेडिएंस इंडेक्स की कैटेगरी-ए में मध्यप्रदेश को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। सरकार ने खनन क्षेत्र में अनेक एमओयू किए हैं। कोल इंडिया लिमिटेड के साथ क्रिटिकल मिनिरल की खोज के लिए एमओयू किया गया है। प्रदेश में एआई आधारित मानव रहित चेक गेट स्थापित किए जा रहे हैं। प्रदेश के 25 जिलों के 40 स्थानों पर ई-चेक गेट स्थापित किए जा चुके हैं। प्रदेश के शासकीय सेवकों को आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। दिवंगत शासकीय सेवकों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति का कार्य भी किया जा रहा है। शासकीय सेवकों की कार्य दक्षता बढ़ाने के लिए आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी ने गत वर्ष 303 प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से 9 हजार 945 प्रशिक्षु शासकीय सेवकों को प्रशिक्षण देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश, स्पेस टेक नीति लांच करने वाला प्रदेश बन गया है। इस नीति को सार्वजनिक कर विषय-विशेषज्ञों से महत्वपूर्ण विमर्श किया गया है। यह नीति राज्य की वैज्ञानिक और खगोलीय विरासत को भविष्य-उन्मुख तकनीकी नेतृत्व में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे नवाचार, अनुसंधान और आधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे। मध्यप्रदेश भारत की नई अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में सशक्त भूमिका निभाएगा। मानवीय मूल्यों की शिक्षा देने के लिए आनंद सभा के माध्यम से विद्यालयों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग के साथ समन्वय से आनंद विभाग ने सांदीपनि और उत्कृष्ट विद्यालयों में कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों के लिए आनंद सभा कार्यक्रम का आयोजन किया है। इसके लिए 3 हजार 800 शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया गया है। मुख्य समारोह के अवसर पर विभिन्न स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मन मोहक प्रस्तुतियां भी दी गई। समारोह में अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री मुद्रिका सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष श्री घनश्याम जायसवाल, सदस्य जिला योजना समिति श्रीमती अमिता चपरा, एसडीएम सोहागपुर श्रीमती अमृता गर्ग, डिप्टी कलेक्टर सुश्री अर्चना मिश्रा, श्री गैलेक्सी नागपुरे, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री आनन्द राय सिन्हा, जिला शिक्षा अधिकारी श्री फूलसिंह मरपाची, सहित लोकतंत्र सेनानी, पार्षदगण, पत्रकारगण एवं विभिन्न विभागो के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री विवेक पांडेय एवं श्रीमती अरूणिमा सिंह द्वारा किया गया।
