गोदाम में वायरिंग नहीं,खिड़की से आग लगाने की आशंका,संयुक्त कलेक्टर ने की मौके पर जांच

मुख्य गेट बंद था फिर भी लगी आग! नाइट ड्यूटी चौकीदार से पूछताछ,बयान दर्ज 


Junaid khan - शहडोल। नरसरहा स्थित वेयर हाउस गोदाम में आग कैसे लगी इसकी गुत्थी दूसरे दिन भी नहीं सुलझ पाई। शुक्रवार को संयुक्त कलेक्टर व एसडीएम जयसिंहनगर प्रगति वर्मा खाद्य आपूर्ति अधिकारी विपिनम् पटेला साथ मौके पर जांच करने पहुंची। जांच टीम ने भी इस घटना को लेकर संदेह व्यक्त किया है। टीम का कहना था कि गोदाम के अंदर कोई वायरिंग नहीं है, ऐसे में शार्ट सर्किट का कोई चांस ही नहीं है। वेंटीलेशन के लिए बनाई गई खिड़की से ही किसी ने आग लगाई है। इसे लेकर टीम ने अपने स्तर पर जांच शुरु कर दी है। घटना दिनांक को नाइट व डे ड्यूटी में रहे कर्मचारियों से पूछताछ करने के साथ ही गोदाम में हुए नुकसान का आकलन टीम ने किया है। संयुक्त कलेक्टर ने गोदाम प्रबंधक से सीसीटीवी व सुरक्षा उपायों के संबंध में जानकारी ली। साथ ही उन्होंने यह भी संदेह जताया कि जब मुख्य गेट बंद था तो कोई और गोदाम के अंदर कैसे प्रवेश कर सकता है। उन्होंने नाइट ड्यूटी में तैनात चौकीदार से भी सवाल जवाब किए। साथ ही सभी के बयान दर्ज कर लिए हैं। पांच स्टेक की धान प्रभावित, सर्वेयर का इंतजार गोदाम में आग लगने की वजह से पांच स्टेक की धान प्रभावित हुई है। अभी स्टेक में रखे धान के बोरों को वहां से नहीं हटाया गया है। गोदाम प्रबंधन का कहना है कि बीमा क्लेम को लेकर इंदौर से सर्वेयर को आना गोदाम में आग लगने की वजह से 1400-1500 बोरी धान को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा अब यहां स्टेक में रखी धान के खराब होने का भय बना हुआ है। आग बुझाने के लिए बड़ी तादाद में पानी का छिड़काव किया गया है। इससे आस पास के सभी स्टेक की धान भीगी है। घटना के दूसरे दिन भी स्टेक को नहीं हटाया गया। ऐसे में भीगी धान को खराब होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। समय रहते धान को वहां से नहीं हटाया गया और उसका उचित प्रबंध नहीं किया गया तो प्रभावित स्टेक के साथ ही आस पास के स्टेक की धान भी खराब हो जाएगी। सर्वेयर के आने के बाद ही स्टेक में जली हुई बोरियों को वहां से हटाया जाएगा। आग कैसे लगी इसे लेकर प्रबंधन भी कुछ स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रहा है।

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