स्थानीयों को बेरोज़गार रख बाहरी मजदूरों से काम! एसईसीएल आरकेटीसी के खिलाफ एचएमएस का बिगुल, अमलाई ओसीएम ठप
Junaid khan - शहडोल। धनपुरी अमलाई सोहागपुर एसईसीएल अमलाई ओपन कास्ट माइंस (OCM) में स्थानीय बेरोजगार युवाओं के साथ खुलेआम वादा ख़िलाफ़ी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। उत्खनन कार्य में संलग्न ठेका कंपनी आरकेटीसी (R.K.T.C.) तथा इस पूरे मामले में एसईसीएल अमलाई ओसीएम प्रबंधन की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हालात यह हैं कि एचएमएस मजदूर ठेका श्रमिक संघ के आह्वान पर अमलाई ओसीएम में पूर्णतः कार्य बंद कर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है, जिससे खदान का काम पूरी तरह ठप हो गया है।
प्राप्त पत्र एवं मजदूर संगठन के अनुसार, आरकेटीसी कंपनी द्वारा कार्य प्रारंभ करने से पूर्व स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का स्पष्ट आश्वासन दिया गया था, किंतु आज तक उस पर कोई अमल नहीं हुआ। आरोप है कि स्थानीय प्रशिक्षित एवं अनुभवी युवाओं को दरकिनार कर बाहरी व्यक्तियों को कार्य दिया जा रहा है, जो न केवल वादा ख़िलाफ़ी है बल्कि स्थानीय हितों पर सीधा प्रहार भी है। स्थानीय युवाओं का दर्द छलका, हालात बद से बदतर
धरना स्थल पर मौजूद स्थानीय बेरोजगार युवाओं ने अपनी पीड़ा खुलकर बयान की। युवाओं ने बताया कि आज हमारे पास परिवार चलाने के लिए जो थोड़ी-बहुत जमा पूंजी थी, वह पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। बच्चों की पढ़ाई, घर का राशन, इलाज तक के लिए पैसे नहीं बचे हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि भूखे मरने की नौबत आ गई है। युवाओं ने यह भी बताया कि एक सीमा तक ही उधार मिल पाता है, लेकिन अब कर्ज लेने की भी कोई गुंजाइश नहीं बची। उन्होंने कहा कि पूर्व में चेन्नई राधा कंपनी के माध्यम से उन्हें विभिन्न पदों पर काम मिला था, जिससे परिवार का पालन-पोषण हो रहा था, लेकिन आरकेटीसी कंपनी के अमलाई ओसीएम में कार्य प्रारंभ करते ही स्थानीय युवाओं की उपेक्षा शुरू हो गई। प्रबंधन की चुप्पी पर सवाल, जिम्मेदारी तय करने की मांग एचएमएस मजदूर ठेका श्रमिक संघ ने इस पूरे मामले में मुख्य महाप्रबंधक, सोहागपुर क्षेत्र, सब एरिया मैनेजर, अमलाई ओसीएम तथा आरकेटीसी कंपनी प्रबंधन पर तीखा हमला बोला है। संघ का कहना है कि सब कुछ सामने होने के बावजूद एसईसीएल प्रबंधन मूकदर्शक बना हुआ है, जिससे ठेका कंपनियों का हौसला बढ़ता जा रहा है। संघ ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि मुख्य महाप्रबंधक सोहागपुर क्षेत्र स्वयं हस्तक्षेप कर, सब एरिया मैनेजर अमलाई ओसीएम और आरकेटीसी कंपनी के बीच समन्वय स्थापित करें, तो स्थानीय युवाओं को तुरंत रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है। रोज़गार नहीं तो काम नहीं आंदोलन और उग्र होगा एचएमएस नेताओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है। जब तक स्थानीय युवाओं को उनका हक़ नहीं मिलता, तब तक अमलाई ओसीएम में काम नहीं चलेगा। यह लड़ाई रोज़गार, सम्मान और अस्तित्व की है। संघ ने आगाह किया है कि यदि शीघ्र ही स्थानीय युवाओं की भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक व उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी एसईसीएल अमलाई ओसीएम प्रबंधन और आरकेटीसी कंपनी की होगी। फिलहाल अमलाई ओसीएम में काम पूरी तरह ठप है, धरना प्रदर्शन जारी है और पूरे सोहागपुर क्षेत्र में यह मुद्दा गंभीर चर्चा का विषय बना हुआ है।

