बिजली विभाग में नौकरी दर्शाकर एसबीआई से लिया कर्ज, किस्तें न चुकाने पर खुली पोल नर्मदापुरम से दबोची गई आरोपी
Junaid khan - शहडोल। जिले के सोहागपुर थाना क्षेत्र में फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक से लाखों रुपये का लोन हासिल करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बिजली विभाग में नियुक्ति दर्शाने वाला कूटरचित आदेश और वेतन पर्ची लगाकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की कुदरी रोड, बस स्टैंड शहडोल शाखा से 10 लाख 50 हजार 500 रुपये का एक्सप्रेस क्रेडिट लोन लेने वाली महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने लोन राशि प्राप्त करने के बाद किस्तें जमा नहीं कीं, जिससे मामला उजागर हुआ। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 2 सितंबर 2025 को एसबीआई शाखा प्रबंधक द्वारा थाना सोहागपुर में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में बताया गया कि एक महिला ने स्वयं को बिजली विभाग में पदस्थ बताकर नियुक्ति आदेश, वेतन पर्ची तथा अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए और एक्सप्रेस क्रेडिट योजना के तहत 10.50 लाख रुपये का लोन प्राप्त किया। प्रारंभिक जांच में दस्तावेजों के संदिग्ध पाए जाने के बाद बैंक ने मामले की सूचना पुलिस को दी। जांच में सामने आया कि आरोपी विशाखा दांगी (36 वर्ष), निवासी ग्राम मानगांव पोस्ट जेतपुर कोपरा, तहसील देवरी जिला सागर (म.प्र.), ने बिजली विभाग में फर्जी नियुक्ति आदेश तैयार कराया था। आरोपी ने फरवरी 2025 में अपने लैपटॉप से बिजली विभाग के पुराने आदेश डाउनलोड कर उन्हें एडिट किया और स्वयं को अनूपपुर कार्यालय में लाइनमैन अटेंडेंट पद पर कार्यरत दर्शाते हुए जाली नियुक्ति पत्र व वेतन पर्ची तैयार की। इन्हीं कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर बैंक से लोन स्वीकृत कराया गया। लोन स्वीकृत होने के बाद आरोपी ने राशि का निजी उपयोग किया और किस्तें जमा करना बंद कर दिया। बैंक की आंतरिक जांच में जब वेतन और नियुक्ति से जुड़े रिकॉर्ड सत्यापन के लिए संबंधित विभाग को भेजे गए तो नियुक्ति आदेश फर्जी पाया गया। इसके बाद थाना सोहागपुर में अपराध दर्ज कर विशेष टीम गठित की गई। थाना प्रभारी सोहागपुर के नेतृत्व में गठित टीम में उप निरीक्षक संतोष कोल, प्रधान आरक्षक राजकुमार जायसवाल, आरक्षक मुकेश पटेल तथा महिला आरक्षक मेनका धु्रवे शामिल रहे। तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी का पता लगाते हुए पुलिस टीम ने नर्मदापुरम स्थित उसके किराये के मकान पर दबिश दी और 21 फरवरी 2026 को उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि आर्थिक आवश्यकता के चलते उसने अधिक राशि का लोन लेने की योजना बनाई और सरकारी नौकरी का फर्जी प्रमाण प्रस्तुत किया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में धोखाधड़ी, कूटरचना और जालसाजी से संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
थाना प्रभारी सोहागपुर अरूण पाण्डेय, सउनि संतोष कोल, प्रआर क्र. 262 राजकुमार जायसवाल, 267 मुकेश पटेल एवं महिला आरक्षक क्र. 319 मेनका धूमकेती, सायबर सेल आर. केशव धाकड़ की सराहनीय भूमिका रही
सराहनीय कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में सोहागपुर थाना पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बैंकिंग धोखाधड़ी का यह मामला उजागर हुआ। अधिकारियों ने आम नागरिकों और बैंक संस्थानों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के नियुक्ति संबंधी दस्तावेजों की सावधानीपूर्वक जांच और सत्यापन अवश्य करें, ताकि इस प्रकार की धोखाधड़ी पर अंकुश लगाया जा सके।
