सार्वजनिक भूमि पर बिना अनुमति निर्माण का आरोप, एक सप्ताह में जवाब तलब; उल्लंघन पाए जाने पर हटाने की चेतावनी
Junaid khan - शहडोल। धनपुरी नगर पालिका धनपुरी क्षेत्र में सार्वजनिक भूमि पर कथित अवैध निर्माण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस (प्रकरण क्रमांक 02/2026) में वार्ड क्रमांक 4/7, छोटी अमलाई स्थित भूमि पर बिना विधिवत अनुमति सामुदायिक भवन, आंगनवाड़ी एवं पानी की टंकी का निर्माण कराए जाने का आरोप लगाया गया है। संबंधित पक्ष को एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि यह कार्रवाई सरकारी स्थान (अनधिकृत अधिभोगियों की बेदखली) अधिनियम, 1971 की धारा 3 के अंतर्गत की जा रही है। शिकायत एवं क्षेत्रीय निरीक्षण प्रतिवेदन के आधार पर पाया गया कि खसरा क्रमांक 264, 267, 270 एवं 272 की भूमि, जो साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) सोहागपुर क्षेत्र के अधिपत्य में बताई गई है, पर निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है। प्रशासनिक अभिलेखों के अनुसार, उक्त भूमि पर पूर्व में खनन गतिविधियां संचालित रही हैं और इसे कोयला उत्खनन क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया था। ऐसे क्षेत्र में निर्माण कार्य को लेकर सुरक्षा संबंधी गंभीर प्रश्न भी उठाए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि बिना सक्षम अनुमति निर्माण किया गया है, तो यह न केवल विधि-विरुद्ध है बल्कि जन-सुरक्षा के लिए भी जोखिमपूर्ण हो सकता है।
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में निर्माण कार्य को रोका जा सकता है तथा संबंधित निर्माण को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, हटाने में आने वाला व्यय संबंधित पक्ष से वसूल किया जा सकता है। इस कार्रवाई के बाद नगर क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति है। स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। एक ओर जहां कुछ लोग इसे जनहित में बनाए जा रहे ढांचे बताते हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन भूमि की वैधानिक स्थिति और सुरक्षा मानकों को लेकर सतर्क दिखाई दे रहा है। अब सबकी नजर संबंधित पक्ष के जवाब और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो यह मामला जिले में सार्वजनिक भूमि पर हो रहे निर्माणों की व्यापक जांच का कारण बन सकता है।
