छत्तीसगढ़ सिविल जज परीक्षा में 20वीं रैंक, अधिवक्ता समाज में हर्ष की लहर
Junaid khan - शहडोल। जिले के लिए गौरव और प्रेरणा का क्षण तब बना, जब शहडोल की प्रतिभाशाली अधिवक्ता कुमारी ऋषिता अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक सेवा (सिविल जज) परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए 20वीं रैंक हासिल की। इस उल्लेखनीय सफलता के साथ उन्होंने न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे शहडोल जिले और अधिवक्ता समाज का नाम रोशन किया है। ऋषिता अग्रवाल, जो कि जिला अधिवक्ता संघ शहडोल की सक्रिय सदस्य हैं, ने कठिन प्रतिस्पर्धा और बहुस्तरीय चयन प्रक्रिया को पार करते हुए यह उपलब्धि अर्जित की। वे श्री संदीप अग्रवाल की सुपुत्री हैं तथा बाणगंगा रोड (दीपक आटा चक्की के पास), शहडोल की निवासी हैं। सीमित संसाधनों और छोटे शहर के परिवेश से निकलकर न्यायिक सेवा जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करना उनके परिश्रम, अनुशासन और समर्पण का प्रमाण है।
युवाओं के लिए बनी प्रेरणा
ऋषिता की सफलता ने जिले के युवा अधिवक्ताओं और विधि छात्रों में नई ऊर्जा का संचार किया है। न्यायिक सेवा में जाने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए उनका चयन एक सशक्त संदेश है कि दृढ़ संकल्प और निरंतर अध्ययन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। कानूनी क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने न केवल न्यायालयीन कार्यों का अनुभव प्राप्त किया, बल्कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी भी पूरी निष्ठा के साथ जारी रखी। यही संतुलन उनकी सफलता का प्रमुख आधार बना।
अधिवक्ता संघ ने दी बधाई
जिला अधिवक्ता संघ शहडोल के अध्यक्ष राकेश सिंह बघेल ने समस्त पदाधिकारियों एवं सदस्यों की ओर से ऋषिता अग्रवाल को हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे अधिवक्ता समाज के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऋषिता अपने दायित्वों का निर्वहन न्यायप्रियता, निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ करेंगी। संघ के सदस्यों ने मिठाई बांटकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनकी सफलता का स्वागत किया। शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं विधि विद्यार्थियों ने भी उन्हें शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं। परिवार में उत्सव का माहौल ऋषिता की सफलता से उनके परिवार में हर्ष और उत्सव का वातावरण है। परिजनों ने इसे उनकी वर्षों की कठिन मेहनत और समर्पण का परिणाम बताया। स्थानीय नागरिकों ने भी इसे शहडोल की प्रतिभा का प्रमाण बताते हुए जिले के लिए गौरवपूर्ण क्षण कहा। छोटे शहर की इस बड़ी उपलब्धि ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास निरंतर, तो सफलता अवश्य कदम चूमती है। शहडोल की बेटी ऋषिता अग्रवाल की यह कामयाबी आने वाले समय में जिले की कई और बेटियों को न्यायिक सेवा की ओर प्रेरित करेगी।
