दलालों के इशारे पर कम्पनी का कारोबार-चापलूसी बना इनाम का जरिया

अंग्रेजी रेग्युलेटिंग एक्ट पर लोकल चापलूसों का हस्ताक्षर-डिवाइड एंड रूल की नीति पर "RKTC" साम्राज्य


Junaid khan - शहडोल। भारत औपनिवेशिक नही होता यदि में देश मे चंद चापलूस नही होते इस चापलूसी का इनाम अंग्रेजी हुकूमत उन चापलूसों को अदब और सम्मान से नवाजती थी। देश जब भी कमजोर हुआ उसमें स्थानीय राजाओं और दलालों का समर्थन रहता था और कभी रेग्युलेटिंग एक्ट पारित हुआ कभी फुट डालो शासन करो जैसी नीतियाँ पारित होती थी जो चापलूसों के लिए इनाम और देश हित के लिए नासूर था। बीते कुछ महीनों से अमलाई ओसीएम अन्तर्गत RKTC ओवर बर्डन का काम लेकर धनपुरी आई कम्पनी का अपना शुरू से विवादों से नाता रहा आते ही कम्पनी की लापरवाही ने एक स्थानीय युवक को मौत के आसरे छोड़ दिया और पूरा परिवार क्षत-बिछत हो गया कम्पनी में आधा वर्ष से पूर्व आधा दर्जन मामले रोजाना कम्पनी के लिए इतिहास गढ़ता रहा किन्तु कम्पनी को स्थानीय रहवासियों और नेताओं के संरक्षण न सिर्फ बेरोजगारों कें माथे की शिकन बनी है बल्कि राजनीतिक रसूख और कम्पनी की तानाशाही पर सवाल खड़ा करती है। 

चापलूसी का इनाम श्रीकांत की पदोन्नति

बीते 15 फरवरी को RKTC कम्पनी में युवाओं के साथ हाथापाई किया गया जिसमें स्थानीय युवा आक्रोशित होकर कम्पनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिए और लामबंद हो गए मामला स्थानीय थाने में जाकर सुलझा पर कम्पनी यहाँ भी बेईमानी कर गई और कुछ को अपने पक्ष में रखकर दोहरा चाल चल दी और फुट डालो शासन करो कि नीति पर 7-8 युवाओं को कम्पनी से बाहर का रास्ता दिखा दिया जबकि उनमें से कुछ को अपने पक्ष में रखकर थाने में सुलह के नाम पर उन्हें पद और पैसे से नवाज दिया श्रीकांत जिन युवाओं के हिस्से को हड़प गया उसमें उसके ही साथी का रोजगार छिन गया और इस गद्दारी के एवज में श्रीकांत को ब्लास्टिंग करने की बजाय सुपरवाइजर पद से उपकृत कर दिया इस इनाम के हकदार तो स्थानीय दलाल भी हैं जो भाजपा और कांग्रेस का ठप्पा लगाकर कम्पनी की रेग्युलेटिंग एक्ट में पैरवी कर रहे हैं।

रेड्डी और शिवदत्त के घुटने में चरनवन्दन करते स्थानीय नेता

कम्पनी में अपना प्रभाव बनाने के लिए शुरुआत से ही स्थानीय नेता बनाम दलाल खूब शोर शराबा किए और कम्पनी में सेट हो गए किसी के पेट्रोल पंप से डीजल तो किसी के संरक्षण में किसको बाहर या अंदर करना है इस पर काम हो रहा है इन दलालों और नेताओं के मुखौटा बने शिवदत्त और रेड्डी इनके इशारे पर काम कर रहे हैं इस पूरे काम मे कम्पनी को अंदरूनी ताकत एसईसीएल के नुमाइंदे भी प्रदान कर रहे हैं चर्चा तो ये भी है कि कम्पनी में शिवदत्त और रेड्डी से कम करवाने के लिए स्थानीय नेता चरनवन्दन तक करते फिर रहे हैं।

Previous Post Next Post