गलत आरोप में बर्खास्त अतिथि विद्वान को मिली राहत,आदेश निरस्त दोबारा जॉइनिंग का रास्ता साफ

गलत आरोप में बर्खास्त अतिथि विद्वान को मिली राहत,आदेश निरस्त दोबारा जॉइनिंग का रास्ता साफ


Junaid khan - शहडोल। रीवा संभाग से एक अहम प्रशासनिक आदेश सामने आया है, जिसमें शासकीय महाविद्यालय गोहपारू (जिला शहडोल) में पदस्थ अतिथि विद्वान गणित श्री सुदीप्तो चौधरी को कथित रूप से फाल्स आउट किए जाने के आदेश को निरस्त कर दिया गया है। इससे उनकी पुनः जॉइनिंग का मार्ग प्रशस्त हो गया है। क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा रीवा संभाग, रीवा द्वारा जारी आदेश क्रमांक 328/3/स्था0/अतिथि/2026 दिनांक 26.02.2026 में स्पष्ट किया गया है कि श्री सुदीप्तो चौधुरी के विरुद्ध फॉलेन आउट की कार्रवाई के संबंध में प्राप्त उत्तर एवं अभिलेखों का परीक्षण किया गया। परीक्षण के उपरांत यह पाया गया कि शासन उच्च शिक्षा विभाग के आदेश क्रमांक एफ-1/1/2023/38-1 दिनांक 05.10.2023 के बिंदु 10.1 में दिए गए प्रावधानों एवं प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था। आदेश में उल्लेख है कि शासकीय महाविद्यालय गोहपारू द्वारा जारी कार्यालय आदेश क्रमांक 118/स्था/2026 दिनांक 17.02.2026 के तहत की गई फॉलेन आउट की कार्रवाई नियम विरुद्ध पाई गई, इसलिए उसे निरस्त किया जाता है। यह आदेश क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक द्वारा जारी किया गया है तथा इसकी प्रतिलिपि आयुक्त उच्च शिक्षा भोपाल, प्राचार्य शासकीय अग्रणी महाविद्यालय शहडोल एवं संबंधित अतिथि विद्वान को प्रेषित की गई है।

क्या है पूरा मामला?

सूत्रों के अनुसार, श्री सुदीप्तो चौधुरी को बिना निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए नौकरी से पृथक कर दिया गया था। आरोप लगाए गए लेकिन नियमानुसार जांच एवं अवसर प्रदान करने की प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। इसी आधार पर उन्होंने उच्च अधिकारियों के समक्ष आपत्ति प्रस्तुत की थी। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा परीक्षण के बाद यह स्पष्ट हुआ कि कार्रवाई में शासन के निर्धारित दिशा-निर्देशों की अनदेखी की गई थी। परिणामस्वरूप, पूर्व में जारी आमंत्रण निरस्त आदेश को रद्द कर दिया गया। जॉइनिंग की स्थिति। आदेश निरस्त होने के बाद अब श्री सुदीप्तो चौधरी की पुनः जॉइनिंग दी जाएगी। संबंधित महाविद्यालय प्रशासन को शासन के निर्देशों का पालन करते हुए जॉइनिंग हेतु आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या महाविद्यालय स्तर पर अतिथि विद्वानों के साथ नियमों के अनुरूप व्यवहार किया जा रहा है या नहीं।

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