कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय और गल्ला मंडी में लगे शिविर, नि:शुल्क विधिक सहायता की दी गई विस्तृत जानकारी
Junaid khan - शहडोल। आगामी 14 मार्च को आयोजित होने वाली लोक अदालत के मद्देनज़र जिले में विधिक जागरूकता अभियान को गति दी जा रही है। आम नागरिकों को शासन की विभिन्न योजनाओं और नि:शुल्क विधिक सहायता की जानकारी देने के उद्देश्य से कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय एवं गल्ला मंडी परिसर में विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। जिला विधिक अधिकारी देवेंद्र सिंह परस्ते के मार्गदर्शन में शहडोल जिले में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आयोजित शिविर में पैरा लीगल वालंटियर अरुण द्विवेदी ने लोक अदालत की प्रक्रिया, उसके लाभ तथा नालसा और सालसा की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपस्थित नागरिकों को दी। उन्होंने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से आपसी सहमति से विवादों का त्वरित और नि:शुल्क निपटारा किया जाता है, जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है। साथ ही पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग भी न्याय प्राप्त कर सके। कस्तूरबा गांधी सीनियर आवासीय विद्यालय की अधीक्षिका सुधा पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि विधिक जागरूकता ही सशक्त समाज की नींव है। उन्होंने छात्र-छात्राओं और अभिभावकों से अपील की कि वे निःशुल्क विधिक सहायता संबंधी जानकारी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं, ताकि जरूरतमंद व्यक्ति इसका लाभ उठा सकें। कार्यक्रम में छात्र-छात्राएं, अभिभावक, विद्यालय स्टाफ, आकाशवाणी के उद्घोषक प्रशांत पाण्डेय सहित जिला विधिक सेवा केंद्र की टीम के सदस्य उपस्थित रहे। जागरूकता शिविर के माध्यम से प्रशासन का प्रयास है कि लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों का सौहार्दपूर्ण निराकरण हो और समाज के हर वर्ग को न्याय सुलभ हो सके।

