अधिवक्ताओं की सुविधाओं के विस्तार को लेकर जिला अधिवक्ता संघ शहडोल का बड़ा कदम,दो महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपे
Junaid khan - शहडोल। जिला अधिवक्ता संघ शहडोल द्वारा अधिवक्ताओं एवं न्यायिक व्यवस्था से संबंधित मूलभूत सुविधाओं के विस्तार हेतु दो महत्वपूर्ण ज्ञापन अध्यक्ष राकेश सिंह बघेल ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शहडोल श्री काशीनाथ सिंह के माध्यम से मुख्य न्यायमूर्ति, उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, जबलपुर को प्रेषित किए गए हैं।
कुटुंब न्यायालय भवन निर्माण की मांग
प्रथम ज्ञापन में कुटुंब न्यायालय शहडोल के लिए पृथक एवं सुव्यवस्थित न्यायालयीन भवन के शीघ्र निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया गया है। संघ द्वारा अवगत कराया गया कि वर्तमान में कुटुंब न्यायालय जिला न्यायालय परिसर में सीमित संसाधनों के बीच संचालित हो रहा है। जबकि पारिवारिक प्रकरणों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। पर्याप्त स्थान, प्रतीक्षालय, परामर्श कक्ष एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के अभाव में पक्षकारों, अधिवक्ताओं तथा न्यायिक कर्मचारियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।मध्यप्रदेश शासन द्वारा पूर्व में कुटुंब न्यायालय हेतु पृथक भूमि आवंटित की जा चुकी है, अतः उस भूमि पर शीघ्र भवन निर्माण प्रारंभ कराए जाने का अनुरोध किया गया है, जिससे त्वरित एवं संवेदनशील न्याय व्यवस्था सुदृढ़ हो सके।
अधिवक्ता अधोसंरचना हेतु भूमि आवंटन की मांग
द्वितीय ज्ञापन में जिला न्यायालय परिसर स्थित अधिवक्ता संघ कार्यालय के सामने उपलब्ध 70×30 फुट (2100 वर्गफुट) रिक्त शासकीय भूमि जिला अधिवक्ता संघ को आवंटित किए जाने का आग्रह किया गया है।ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि शहडोल न्यायालय में लगभग 600 अधिवक्ता नियमित रूप से कार्यरत हैं तथा प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में नवोदित अधिवक्ता विधि व्यवसाय से जुड़ रहे हैं। इसके बावजूद अधिवक्ता चैंबर, पुस्तकालय, अध्ययन कक्ष, बैठक कक्ष, महिला अधिवक्ताओं हेतु पृथक सुविधाएँ, कैंटीन एवं पक्षकारों के बैठने की समुचित व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। प्रस्तावित भूमि पर अधिवक्ता चैंबर एवं लाइब्रेरी के निर्माण से न्यायिक कार्य अधिक सुगम, प्रभावी एवं गरिमापूर्ण होगा तथा पक्षकारों को भी बेहतर वातावरण प्राप्त हो सकेगा। ज्ञापन सौंपते समय जिला अधिवक्ता संघ के उपाध्यक्ष सतीश पाठक सचिव अनिल तिवारी सहसचिव राकेश गोले कोषाध्यक्ष गगन कुमार वर्मा कार्यकारणी सदस्य राकेश जैसवाल पुष्पेंद्र सिंह उपस्थित रहे है।
