मुख्यमंत्री करेंगे वाटर पार्क का शुभारंभ,खुशबूदार पानी में नहाएंगे,पीयेंगे बदबूदार?

वाह नगर सरकार, मनमानी की कर दी सारी हदें पार




Junaid khan - शहडोल। प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव आगामी 08 फरवरी 2026 को शहडोल जिले के विकास और सौंदर्यीकरण को एक नया आयाम और नई पहचान देने जा रहे हैं। सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों से मिलने वाली खबरों पर विश्वास करें तो डॉ. यादव जिले के ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र के विधायक शरद जुगलाल कोल के आमंत्रण पर शहडोल जिले के दौरे पर आ रहे हैं। अपने इस दौरे के दौरान श्री यादव माता शबरी जयंती कार्यक्रम में सहभागिता निभाने के साथ ही धनपुरी नगरपालिका द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित वाटरपार्क का शुभारंभ करें गे जो नगर या जिला ही नहीं अपितु पूरे संभाग के आकर्षण का केन्द्र होगा। नगर की इस कथित उपलब्धि पर जिला और संभाग भले ही गर्व करे, सुविधा का लाभ उठाए लेकिन धनपुरी नगरवासियों की दुविधा का अंत दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहा है। नगरवासी यह सोचने को मजबूर हैं कि वह खुशबूदार पानी में नहाने की सुविधा की खुशी मनाएं या नल के जरिये मिलने वाले बदबूदार पीने के पानी पर आंसू बहाएं...?

प्रदेश की सबसे संपन्न नगरपालिकाओं में शुमार धनपुरी नगर के रहवासियों की बुनियादी समस्याओं का अंत आजादी के 75 साल बाद भी नहीं हो सका है। तकरीबन हर 5 साल में नगर की नई सरकार नए-नए लुभावने वादों के साथ सत्ता पर काबिज होती रही और भ्रष्टाचार के नित नए कीर्तिमान रच कर बेबश गरीब जनता का शोषण करती रही है। समस्याओं के निराकरण के नाम पर या विकास के नाम पर सिर्फ उन्हीं कार्यों को प्राथ्मिकता दी गई जिनमें सत्ताधीशों और हुक्मरानों की तोंद मोटी हुइ्र्र यही वजह है कि धनपुरी नगर की समस्याएं आज भी उतनी ही विकराल हैं जितनी दशकों पूर्व थीं। लोग आज भी अंधेरी, गड्ढों युक्त गलियों में चलने, गंदे, बदबूदार पानी पीने और बसस्टैंड के नाम पर गलियें की खाक छानने के लिये विवश हैं। 

अतिक्रमित नगर और पालिका 

स्थानीय रहवासियों की बातों पर यदि यकीन किया जाए तो कोयला नगरी के नाम से विख्यात धनपुरी नगर ही नहीं नगरीय निकाय भी अतिक्रमण का शिकार है। हफ्ते में तीन बार लगने वाले साप्ताहिक बाजार स्थल में गांव से आकर सब्जी, भाजी और अन्य जरूरी सामग्री बेचकर अजीविका चलाने वाले ग्रामीण व्यवसायियों को बैठने की नगर में जगह नहीं मिलती संकरी गलियें में अतिक्रमण ने दुपहिया वाहनों तक का निकलना दूभर कर दिया है। नगर तो अतिक्रमित है ही नगरपालिका भी बेजा कब्जे की गिरफ्त में है। नगर वासियों ने विवेकपूर्ण बहुमत के साथ परिषद का अध्यक्ष चुना और उम्मीद पाल ली कि दई नगरपालिका अध्यक्ष नगर के विकास को नई गति और ऊर्जा प्रदान करें गी लेकिन उनके जुगाड़ू पति ने राजनीतिक प्रतिनिधि बनकर अपनी पत्नी ही नहीं नगर की प्रथम नागरिक के समस्त अधिकारों पर कब्जा कर अध्यक्ष को रबर स्टांप बना दिया और नगरपालिका के विशाल कोष में अंधाधुंध डुबकी लगाई परिणामस्वरूप नगर का विकास कमाई का जरिया और कभी पूरा न होने वाला सपना बन कर ही रह गया।

भ्रष्टाचार के रचे कीर्तिमान

नगर में यह चर्चा सरगर्म है कि चंद महीने पहले बरसात के मौसम की शुरुआत के साथ ही लाखों रुपये लागत वाला रपटा कम स्टॉपडैम पहली बरसात में भरभरा कर बह गया था जिसके बारे में कहा जाता है कि उक्त रपटा अध्यक्ष पति ने स्वयं अपने किसी खासमखास के नाम पर कराया गया और भ्रष्टाचार का इतना मसाला मिलाया गया कि रपटा एक बारिश भी नहीं झेल सका। इसके अलावा हाई मास्क लाइट घोटाला, पेवर ब्लाक घोटाला, नया बस स्टैंड बनाने के नाम पर पुराने अड्डे की बलि, इनडोर स्टेडियम को शादी समारोह के लिये किराये पर देकर अवैध कमाई और टेंडर कैंसिल जैसे कई कारनामें हैं जिनमें अध्यक्ष पति पर भ्रष्टाचार के कीर्तिमान रचने के आरोप लगाए जाते रहे हैं।

असंतुष्ट पार्षद 

धनपुरी नगरपालिका परिषद के निर्वाचित सदस्यों की उपेक्षा और उनके प्रस्तावों की अनदेखी आम बात हो चुकी है। स्ट्रीट लाइट के लिये एक बल्व तक के लिये हफ्तों गिड़गिड़ाने पर विवश रहने वाले पार्षदों ने गणतंत्र दिवस के पूर्व हुई बैठक में बहिष्कार कर दिया था। अपनी स्वयं की पार्टी से विश्वासघात कर भाजपा का अध्यक्ष बनाने वाले विपक्षी पार्षदों का अब अपने ही निर्णय पर पछताना पड़ रहा है। नगरवासी हों या नगर के पार्षद सभी की एक ही शिकायत है कि अध्यक्ष के अधिकारों पर कुं डली मारकर बैठे राजनीतिक प्रतिनिधि के विरुद्ध कोई कार्यवाही क्यों नहीं हो रही है।

काम किया दूजा फिर भी....पूजा

धनपुरी नगर पालिका की मुख्य नगरपालिका अधिकारी पूजा बुनकर को इंग्लैंड के कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है जो न सिर्फ नगर बल्कि जिला, संभाग और प्रदेश के लिये भी गर्व की बात है। यदि कोई उत्तम कार्य करे तो उसे पुरस्कार या सम्मान तो मिलना ही चाहिये लेकिन धनपुरी नगर में यह चर्चा सरगर्म है कि सीएमओ को आखिर किस उत्कृष्ट कार्य के लिये चुना गया होगा। नगर के हालात और भ्रष्टाचार के कीर्तिमान तो चीख-चीख कर कह रहे हैं कि काम तो किया दूजा फिर भी कैसे इंग्लैंड के लिये चुन ली गई।

सीएमओ पूजा?

धनपुरी नगर में वाटरपार्क जैसी उपलब्धि और नगर में बुनियादी समस्याओं के अंबार को देखते हुए जिला प्रशासन एवं प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव से नगरवासियों ने धनपुरी नगर की समस्याओं के समाधान के साथ ही निकाय को अतिक्रमण मुक्त कराए जाने की मांग की है।

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