जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने हेतु भेजे गए नोटिस की कांग्रेस ने की निंदा

भाजपा के दबाव के कारण, लाचार प्रशासन की वजह से नाबालिग हुआ परीक्षा से वंचित-अजय अवस्थी


Junaid khan - शहडोल। जिला कांग्रेस कमेटी शहडोल के जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी ने बाल कल्याण समिति द्वारा जारी नोटिस पर कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुए कहा है कि, यह कार्यवाही वास्तविक जनसमस्याओं से ध्यान भटकाने का एक सुनियोजित प्रयास है। जिलाध्यक्ष श्री अवस्थी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी लगातार जिले में शुद्ध पेयजल संकट, बेरोजगारी, किसानों की बदहाली, अवैध उत्खनन एवं प्रशासनिक लापरवाही जैसे गंभीर मुद्दों को उठाती रही है। इन ज्वलंत समस्याओं का समाधान देने के बजाय विपक्ष की आवाज को दबाने के उद्देश्य से नोटिस जारी करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। श्री अवस्थी ने कहा भारतीय जनता पार्टी के दबाव मे प्रशासन ने हठधर्मिता का परिचायक देते हुए नाबालिग को परीक्षा के एक दिन पहले रिहा नहीं किया, जबकी पुलिस विभाग एवं जेल प्रबंधन को इस बात से सबूत सहित, अवगत कराया जा चुका था की नाबालिग की 10 फरवरी को 12 वीं की परीक्षा का पहला पेपर है। लेकिन प्रशासन के द्वेष पूर्ण रवैए के कारण नाबालिग को पेपर के दिन ही रिहा किया गया जिससे समय आभाव के कारण वो परीक्षा देने से वंचित रह गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का प्रत्येक आंदोलन संवैधानिक दायरे में, शांतिपूर्ण एवं जनहित में किया जाता है। यदि प्रशासन के पास जनता की समस्याओं का समाधान नहीं है, तो वह नोटिस और दबाव की राजनीति का सहारा लेकर अपनी जिम्मेदारियों से बच नहीं सकता। जिलाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सदैव कानून का सम्मान करती है, लेकिन किसी भी प्रकार की दमनात्मक कार्रवाई से डरने वाली नहीं है। यदि प्रशासन को वास्तव में चिंता है, तो उसे जिले की मूलभूत समस्याओं पर ठोस कार्रवाई करनी चाहिए, न कि जनआंदोलनों को कमजोर करने का प्रयास करना चाहिए। जिलाध्यक्ष ने प्रशासन से मांग की है कि जनहित के मुद्दों पर पारदर्शी एवं सकारात्मक संवाद स्थापित किया जाए तथा लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित किया जाए। उक्त जानकारी जिला काँग्रेस कमेटी शहडोल के मुख्य प्रवक्ता पीयूष शुक्ला ने प्रदान की।

Previous Post Next Post