आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से हो रहा आर्थिक शोषण,आम आदमी पार्टी ने उठाए सवाल-अनूप सर्मा

छुट्टी के दिन भी सरकारी कार्यक्रमों में बुलाया जाता है, न अतिरिक्त मानदेय न खर्च की व्यवस्था-आप 


Junaid Khan - शहडोल। शहडोल जिले सहित पूरे संभाग में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के साथ आर्थिक शोषण किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में आम आदमी पार्टी शहडोल झोन ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। आम आदमी पार्टी के शहडोल झोन प्रभारी एवं मीडिया विभाग के अनूप शर्मा ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को उनके नियमित कार्य समय के अतिरिक्त तथा छुट्टियों के दिनों में भी विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए मजबूर किया जाता है। इन कार्यक्रमों के तहत उनसे रैलियां निकालने, रंगोली बनाने और भीड़ एकत्रित करने जैसे कार्य करवाए जाते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि इन गतिविधियों के लिए विभागीय अधिकारियों द्वारा केवल आदेश जारी कर दिए जाते हैं, लेकिन इन कार्यों के लिए न तो कोई अतिरिक्त मानदेय दिया जाता है और न ही पेट्रोल या अन्य खर्चों की कोई व्यवस्था की जाती है। रंगोली सामग्री सहित अन्य व्यवस्थाओं का खर्च भी कार्यकर्ताओं को अपनी जेब से उठाना पड़ता है। आप नेताओं का कहना है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मासिक मानदेय पहले से ही काफी कम है, जो लगभग 7 हजार से 15 हजार रुपए के बीच है। ऐसे में सीमित आय पर निर्भर इन कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त खर्च वहन करना बेहद कठिन हो जाता है। इनके भी परिवार और बच्चों की जिम्मेदारियां हैं, फिर भी प्रशासनिक आदेशों के चलते इन्हें आर्थिक बोझ उठाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। आम आदमी पार्टी शहडोल झोन ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए सरकार और प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग की है। पार्टी ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ हो रहे इस आर्थिक शोषण को तत्काल बंद किया जाए और यदि उनसे अतिरिक्त कार्य लिया जाता है तो उसके लिए उचित मानदेय और खर्च की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

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