जिला अस्पताल में इलाज के नाम पर वसूली का आरोप,डॉ.वी पी पटेल पर महिला मरीज से 25 हजार लेने और पैसे मांगने की शिकायत
शिकायत के बाद सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ ने बदला डॉक्टर,अब डॉ. राजा सितलानी देख रहे मरीज
Junaid khan - शहडोल। जिला अस्पताल शहडोल एक बार फिर विवादों में घिर गया है। अस्पताल में पदस्थ डॉ. वेद प्रकाश पटेल पर इलाज और ऑपरेशन के नाम पर एक महिला मरीज के परिजनों से नकद पैसे लेने का आरोप लगा है। पीड़ित महिला असगरी बेगम के पति मोहम्मद सिराजुद्दीन ने इस संबंध में लिखित शिकायत देकर जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि ऑपरेशन के नाम पर उनसे 25 हजार रुपये नकद लिए गए और बाद में और पैसे की मांग भी की गई।
महिला मरीज के इलाज को लेकर विवाद
जानकारी के अनुसार धनपुरी क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 22 की निवासी असगरी बेगम को स्वास्थ्य समस्या के चलते जिला अस्पताल शहडोल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान डॉ. वेद प्रकाश पटेल द्वारा ऑपरेशन कराने की बात कही गई और इसी बहाने उनसे पैसे मांगे गए। मजबूरी में परिवार ने 25 हजार रुपये दे दिए।
पैसे देने के बाद भी हालत में सुधार नहीं,कही का बोलकर कही का ऑपरेशन कर दिया?
मरीज के पति मोहम्मद सिराजुद्दीन का कहना है कि पैसे देने के बाद भी उनकी पत्नी की हालत में कोई खास सुधार नहीं हुआ। उनका आरोप है कि इलाज को लेकर स्पष्ट जानकारी भी नहीं दी जा रही थी, जिससे परिवार लगातार चिंता में था।
और पैसे मांगने का भी आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया है कि 25 हजार रुपये देने के बाद भी डॉ. वेद प्रकाश पटेल की ओर से और पैसे की मांग की गई। परिवार का कहना है कि वे आर्थिक रूप से कमजोर हैं और इतनी बड़ी रकम देना उनके लिए बेहद मुश्किल है।
नागपुर रेफर करने की बात पर भड़के परिजन
मोहम्मद सिराजुद्दीन के अनुसार जब उन्होंने इलाज को लेकर सवाल किए तो मरीज को नागपुर रेफर करने की बात कही गई। इसी दौरान उन्होंने कहा कि अगर सही इलाज नहीं हो रहा है तो वे शिकायत करेंगे। इसके बाद उन्होंने लिखित शिकायत भी दर्ज कराई।
शिकायत के बाद सिविल सर्जन ने बदला केस व डॉक्टर?
मामले की शिकायत सामने आने के बाद सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ ने हस्तक्षेप किया और मरीज का इलाज दूसरे डॉक्टर को सौंप दिया। अब मरीज का इलाज डॉ. राजा सितलानी देख रहे हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीज का उपचार जारी है और मामले की जानकारी ली जा रही है।
अस्पताल में पहले भी उठ चुके हैं ऐसे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि डॉ. वेद प्रकाश पटेल पर यह पहला आरोप नहीं है। पिछले एक-दो वर्षों में भी इलाज के नाम पर पैसे लेने के आरोप चर्चा में आए हैं। हालांकि इन मामलों में अब तक किसी बड़ी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।
नकद लेनदेन को लेकर भी चर्चा
कुछ लोगों का यह भी आरोप है कि कई मामलों में मरीजों के परिजनों से नकद पैसे लेने की बात सामने आती रही है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकेगी।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
जिला अस्पताल में इस तरह के आरोप सामने आने से स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। गरीब और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में अगर इस तरह की शिकायतें आती हैं तो आम लोगों का भरोसा कमजोर होता है।
राजेन्द्र शुक्ला डिप्टी सीएम के साथ स्वास्थ्य मंत्री व जिले शहडोल के प्रभारी मंत्री भी
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला के पास स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है और वे शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री भी हैं। ऐसे में जिला अस्पताल में बार-बार सामने आ रही शिकायतों को लेकर लोगों के बीच चर्चा है कि यदि जिम्मेदार विभाग के मंत्री का सीधा जुड़ाव जिले से है, तो स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद और भी ज्यादा बढ़ जाती है।
जांच और कार्रवाई की मांग
पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी गरीब या जरूरतमंद मरीज के साथ ऐसी स्थिति न बने।
