मंदिर में घुसकर आरोपी ने की तोड़फोड़,ग्रामीणों में आक्रोश आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
Junaid Khan - शहडोल। जहां एक ओर पूरा देश रामनवमी के पावन पर्व पर भक्ति और उल्लास में डूबा हुआ था, वहीं शहडोल जिले के अमलाई थाना क्षेत्र अंतर्गत बटुरा गांव में एक शर्मनाक घटना ने धार्मिक भावनाओं को आहत कर दिया। राम जानकी मंदिर में अज्ञात आरोपी द्वारा घुसकर मूर्तियों से छेड़छाड़ और तोड़फोड़ किए जाने से पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल निर्मित हो गया है। मंदिर में घुसकर की तोड़फोड़ घटना चैत्र नवरात्र के दौरान रामनवमी के दिन दोपहर की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक युवक मंदिर का ताला खोलकर अंदर घुस गया और भगवान राम, लक्ष्मण एवं माता जानकी की प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाया। आरोपी ने न केवल मूर्तियों को खंडित किया, बल्कि मंदिर परिसर में भी अव्यवस्था फैलाते हुए धार्मिक मर्यादाओं को तार-तार कर दिया।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश, बढ़ा तनाव घटना की जानकारी मिलते ही गांव में आक्रोश की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण मंदिर परिसर के बाहर एकत्रित हो गए और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग करने लगे। लोगों का कहना है कि यह घटना किसी सोची-समझी साजिश का हिस्सा हो सकती है, जिससे क्षेत्र का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई है।
पुलिस मौके पर पहुंची,जांच शुरू
सूचना मिलते ही अमलाई थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में कुछ संदिग्धों की पहचान की गई है,जबकि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस द्वारा लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।
प्रशासन अलर्ट,शांति बनाए रखने की अपील
घटना को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। साथ ही संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। ग्रामीणों की चेतावनी जल्द कार्रवाई नहीं तो आंदोलन स्थानीय ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। लोगों ने प्रशासन से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कदम उठाने की मांग की है।(समापन) रामनवमी जैसे पावन अवसर पर हुई इस घटना ने न केवल धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाई है, बल्कि सामाजिक सौहार्द पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजरें पुलिस कार्रवाई पर टिकी हैं कि कब तक आरोपियों को पकड़कर न्याय दिलाया जाता है।
