ब्योहारी के खड्डा पंचायत का मामला, गुणवत्ता पर उठे सवाल के बाद गरमाया माहौल,प्रशासनिक कार्रवाई की मांग तेज
Junaid Khan - शहडोल। ब्योहारी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत खड्डा में सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाना एक ग्रामीण को भारी पड़ गया। सवाल पूछने पर सरपंच का आपा इतना खो गया कि वे पत्थर लेकर ग्रामीण को मारने के लिए दौड़ पड़े। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो मौके पर मौजूद लोगों द्वारा रिकॉर्ड कर लिया गया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत के इमलीटोला से करीब 300 मीटर दूरी पर दांडीटोला पहुंच मार्ग पर लंबी ग्रेवल पीसीसी सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य की निगरानी स्वयं सरपंच संतोष कोल द्वारा की जा रही थी। इसी दौरान गांव के ही संदीप पटेल मौके पर पहुंचे और उन्होंने सड़क निर्माण में गुणवत्ता के मानकों के विपरीत सामग्री उपयोग किए जाने का आरोप लगाते हुए सवाल उठाए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही संदीप पटेल ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल किया, सरपंच संतोष कोल नाराज हो गए। देखते ही देखते उन्होंने पास पड़ा पत्थर उठाया और संदीप को मारने के इरादे से उनकी ओर दौड़ पड़े। अचानक हुए इस घटनाक्रम से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। संदीप ने किसी तरह खुद को बचाया, वहीं आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत कराया। इस पूरी घटना का वीडियो संदीप के मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड हो गया, जो अब वायरल हो चुका है। वीडियो सामने आने के बाद पंचायत व्यवस्था और निर्माण कार्यों की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में सरपंच से संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन मोबाइल पर उनसे संपर्क नहीं हो सका। इससे मामला और भी संदेहास्पद हो गया है। ग्रामीणों में आक्रोश, जांच की मांग तेज। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति जनहित में सवाल उठाता है और उसे इस तरह धमकाया जाता है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना ने पंचायत स्तर पर हो रहे विकास कार्यों की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि निर्माण कार्यों में गड़बड़ी हो रही है और शिकायत करने वालों को डराया-धमकाया जा रहा है, तो यह शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिन्ह लगाता है।
वीडियो वायरल, कार्रवाई की उम्मीद। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद अब यह मामला जिले के अधिकारियों तक पहुंच चुका है। उम्मीद की जा रही है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच करेगा और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई करेगा। निष्कर्ष:एक ओर जहां सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की गुणवत्ता सुधारने के दावे कर रही है, वहीं इस तरह की घटनाएं जमीनी हकीकत को उजागर करती हैं। अब देखना यह होगा कि इस मामले में प्रशासन कितनी तेजी और निष्पक्षता से कार्रवाई करता है।
