कैश के लिए दर-दर भटकते लोग: शादी के सीजन में आधे से ज्यादा एटीएम ठप

तकनीकी खामियां, कैश की कमी और लापरवाही से बिगड़े हालात बैंक दावे फेल, आमजन बेहाल 


Junaid Khan - शहडोल। शहर में शादी-ब्याह के सीजन के बीच नकदी संकट गहराता जा रहा है। हालात इतने खराब हैं कि आधे से अधिक एटीएम या तो बंद पड़े हैं या ‘आउट ऑफ सर्विस’ का बोर्ड लगाए खड़े हैं। जरूरतमंद लोग नकदी निकालने के लिए घंटों भटक रहे हैं, लेकिन अधिकांश एटीएम खाली या खराब मिल रहे हैं। इससे आम जनता के साथ-साथ शादी वाले परिवारों की परेशानियां चरम पर पहुंच गई हैं। हालात बेकाबू: प्रमुख इलाकों में भी एटीएम बंद। शहर के मुख्य स्थानों इंदिरा चौक, गांधी चौक और पुराना बस स्टैंड पर स्थिति सबसे ज्यादा खराब दिखी। इंदिरा चौक के एटीएम में कैश नहीं,गांधी चौक का एटीएम तकनीकी खराबी से बंद,पुराना गांधी चौक क्षेत्र में भी मशीन ‘आउट ऑफ सर्विस’जांच में यह भी सामने आया कि कई मशीनें कई दिनों से बंद हैं, लेकिन सुधार के कोई प्रयास नजर नहीं आए। जांच में खुली पोल: ‘कहीं ताला, कहीं सिस्टम फेल’मैदानी पड़ताल में स्पष्ट हुआ कि कई एटीएम पर ताले लटके हैं। कुछ मशीनें लंबे समय से खराब पड़ी हैं। कई जगह सुरक्षा गार्ड तक नहीं। ग्राहकों को कोई स्पष्ट सूचना नहीं दी जा रही। यह स्थिति बैंकिंग व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है। शिकायतों में उठे बड़े सवाल:नियमित कैश सप्लाई क्यों नहीं? खराब मशीनों की मरम्मत में देरी क्यों? सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था कमजोर क्यों? उपभोक्ताओं को समय पर जानकारी क्यों नहीं मिलती? शादी सीजन बना संकट का कारण। शादी के मौसम में नकदी की मांग अचानक बढ़ जाती है। बाजार में छोटे लेन-देन, मजदूरी, सजावट और अन्य खर्चों के लिए कैश जरूरी होता है। डिजिटल भुगतान हर जगह संभव नहीं, जिससे लोग पूरी तरह एटीएम पर निर्भर हो जाते हैं। ऐसे में एटीएम बंद होने से हालात और बिगड़ गए हैं। लोगों का फूटा गुस्सा:

स्थानीय नागरिकों ने नाराजगी जताते हुए कहा एक एटीएम से दूसरे एटीएम तक चक्कर काटते रहे, लेकिन कहीं पैसा नहीं मिला। शादी का समय है, खर्चे रुक नहीं सकते। बैंक सिर्फ कागजी दावे कर रहे हैं। बैंक प्रबंधन का बयान: बैंक अधिकारियों के अनुसार कैश की मांग ज्यादा होने और तकनीकी समस्याओं के कारण दिक्कत आ रही है। जल्द ही सभी एटीएम सुचारू कर दिए जाएंगे। तकनीकी खामियां भी बड़ी वजह कई एटीएम पुरानी तकनीक पर चल रहे हैं, जिनमें बार-बार खराबी आ रही है। नई मशीनें लगाने और सिस्टम अपग्रेड करने की प्रक्रिया धीमी होने से समस्या बनी हुई है। प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग। शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी एटीएम में तुरंत कैश उपलब्ध कराया जाए। खराब मशीनों को तत्काल दुरुस्त किया जाए। जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो। निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाए। निष्कर्ष (लेट न्यूज एंगल):शादी के सीजन में खड़ा हुआ यह कैश संकट सिर्फ तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि बैंकिंग व्यवस्था की लापरवाही का नतीजा है। यदि तुरंत ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में स्थिति और विस्फोटक हो सकती है। आम जनता अब राहत नहीं, बल्कि जवाब चाहती है।

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