प्रभारी मंत्री के दरबार में गूंजी जनसमस्याओं की आवाज, लक्ष्मण गुप्ता की दहाड़ से हरकत में आया सिस्टम

शहडोल की लंबित मांगों पर उपमुख्यमंत्री ने दिखाई सख्ती, अधिकारियों को समयसीमा में समाधान के निर्देश


Junaid Khan - शहडोल। जिले की जमीनी समस्याओं को लेकर एक बार फिर जनप्रतिनिधि की मुखर भूमिका सामने आई, जब जनपद पंचायत सोहागपुर के क्षेत्रीय सदस्य लक्ष्मण गुप्ता ने प्रभारी मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के समक्ष शहडोल की वर्षों से लंबित समस्याओं को जोरदार तरीके से उठाया। गुप्ता की स्पष्ट और तीखी प्रस्तुति से न केवल बैठक का माहौल गंभीर हुआ, बल्कि प्रशासनिक अमले में भी हड़कंप मच गया। गुप्ता ने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि सजग और प्रतिबद्ध हों तो सत्ता को जनता की दहलीज तक आना ही पड़ता है। उन्होंने जिले के विकास से जुड़ी कई बुनियादी समस्याओं का “कच्चा चिट्ठा” खोलते हुए बताया कि कई मुद्दे वर्षों से फाइलों में दबे हुए हैं, जिन पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मंडी से बदलेगी तस्वीर, व्यापारियों को मिले सुविधाएं। लक्ष्मण गुप्ता ने शहडोल के आर्थिक विकास को गति देने के लिए संभागीय कृषि उपज मंडी और फल-सब्जी मंडी के लिए आधुनिक परिसर निर्माण की मांग प्रमुखता से उठाई। उन्होंने कहा कि जब तक व्यापारियों को पर्याप्त संसाधन और किसानों को सुरक्षित भंडारण व्यवस्था नहीं मिलेगी, तब तक क्षेत्र का आर्थिक विकास अधूरा रहेगा। उन्होंने मांग रखी कि नई मंडी के लिए तत्काल भूमि चिन्हित कर निर्माण कार्य शुरू किया जाए। पट्टा वितरण के लिए मिली हरी झंडी। ग्रामीणों की वर्षों पुरानी पीड़ा को सामने रखते हुए गुप्ता ने ग्राम पंचायत कल्याणपुर सहित कई गांवों के काबिज परिवारों को भूमि का पट्टा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि कई परिवार पीढ़ियों से जमीन पर काबिज हैं, लेकिन आज तक उन्हें मालिकाना हक नहीं मिला। इस पर उपमुख्यमंत्री ने गंभीरता दिखाते हुए राजस्व विभाग को तत्काल प्रक्रिया तेज करने और पात्र लोगों को शीघ्र पट्टा देने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल, सुधार के निर्देश। जिले की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी लक्ष्मण गुप्ता ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी, अव्यवस्थित व्यवस्थाओं और लचर प्रबंधन का मुद्दा उठाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शहडोल की जनता इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर है, जो बेहद चिंताजनक है। इस पर उपमुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों को दो टूक चेतावनी दी कि व्यवस्था में तत्काल सुधार लाया जाए, अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें। जनता में उम्मीद, सिस्टम में हलचल। लक्ष्मण गुप्ता के इस सक्रिय प्रयास से प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के बाद अब यह उम्मीद जगी है कि शहडोल के विकास कार्यों में आ रही रुकावटें जल्द दूर होंगी। सोहागपुर जनपद सहित पूरे संभाग में आम जनता इस पहल की सराहना कर रही है और इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम मान रही है। शिकायत पत्र में उठाए गए प्रमुख बिंदु। वर्षों से लंबित कृषि उपज मंडी निर्माण। फल-सब्जी मंडी के लिए आधुनिक परिसर की मांग। ग्राम पंचायत कल्याणपुर सहित अन्य गांवों में पट्टा वितरण। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में सुविधाओं का अभाव। किसानों के लिए भंडारण और विपणन व्यवस्था की कमी। प्रशासनिक लापरवाही और योजनाओं का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन न होना। निष्कर्ष यह मामला केवल एक शिकायत या बैठक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी और प्रशासन की जवाबदेही का उदाहरण बन गया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि सख्त निर्देशों के बाद धरातल पर कितना बदलाव नजर आता है।

Previous Post Next Post