स्टेशन निर्माण में मजदूरों की सुरक्षा से खिलवाड़,अमृत भारत योजना के कार्यों में बड़ी लापरवाही उजागर
Junaid Khan - शहडोल। रेलवे स्टेशन में अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्य में मजदूरों की सुरक्षा की अनदेखी का मामला सामने आया है। यहां रेलवे शेड के ऊपर काम कर रहे श्रमिक ना जूते पहने हैं ना ही उनके सिर पर हेलमेट है। यह दृश्य न सिर्फ नियमों की खुली अवहेलना को दर्शाता है, बल्कि किसी भी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा है। मौके पर देखा गया कि मजदूर ऊंचाई पर बिना किसी सुरक्षा उपकरण के काम कर रहे थे। न तो सेफ्टी बेल्ट का उपयोग किया जा रहा था और न ही सुरक्षा के अन्य मानकों का पालन किया जा रहा है। ऐसे में जरा सी चूक भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसके बावजूद जिम्मेदारों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। यहां अमृत भारत स्टेशन योजना में कमला कंस्ट्रक्शन द्वारा काम करवाया जा रहा है। निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी यह दर्शाती है कि ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारी काम की गति तो बढ़ा रहे हैं, लेकिन मजदूरों की जान की परवाह नहीं की जा रही है। नियमों के अनुसार ऊंचाई पर कार्य करने वाले श्रमिकों के लिए हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट और मजबूत जूते अनिवार्य होते हैं, लेकिन यहां इनका पूरी तरह अभाव नजर आया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही पहले भी कई बार देखने को मिली है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। इस संबंध में अमृत भारत स्टेशन योजना के इंजीनियर आदित्य कुमार का फोन रिसीव नहीं होने से प्रतिक्रिया नहीं मिली। अधिकारियों की इस तरह की अनदेखी से साफ है कि जमीनी स्तर पर निगरानी व्यवस्था कमजोर पड़ गई है। गौरतलब है कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर के रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, जिसमें करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। लेकिन यदि निर्माण कार्य के दौरान ही सुरक्षा मानकों की अनदेखी होगी, तो यह योजना की गुणवत्ता और उद्देश्य दोनों पर सवाल खड़े करता है। जरूरत है कि संबंधित विभाग तत्काल जांच कराए, कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करे और मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। क्योंकि विकास कार्य तभी सार्थक माने जाएंगे, जब उसमें लगे श्रमिकों की जान सुरक्षित रहे।
