रिक्की और विक्की मदरसे और हनुमान मंदिर जैसे आस्था केंद्रों के बीच नशे का अवैध कारोबार संचालित होने का आरोप

शहडोल में नशे का जाल बेखौफ: पुलिस की चुप्पी पर उठे सवाल, युवाओं का भविष्य खतरे में


Junaid Khan - शहडोल। दिनांक 21 अप्रैल 2026 जिले में नशे का कारोबार इन दिनों इस कदर फैल चुका है कि मोहल्लों से लेकर मुख्य इलाकों तक खुलेआम इसकी बिक्री हो रही है। हालात यह हैं कि गांजा, कोरेक्स सिरप, मेडिकल नशे के इंजेक्शन और गोलियां धड़ल्ले से बिक रही हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नजर नहीं आ रही। इससे आम नागरिकों में आक्रोश और भय का माहौल बना हुआ है। सूत्रों के अनुसार, जिले के कई थाना क्षेत्रों में नशे के ठिकानों की जानकारी स्थानीय पुलिस से लेकर जिम्मेदार अधिकारियों तक को है, इसके बावजूद कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े करता है। पुलिस जहां अन्य मामलों में 24 घंटे के भीतर खुलासा कर देती है, वहीं नशे के कारोबार पर ढिलाई समझ से परे है। शहर के घरौला मोहल्ला में स्थिति और भी चिंताजनक बताई जा रही है। यहां मदरसे और हनुमान मंदिर जैसे आस्था केंद्रों के बीच ही नशे का अवैध कारोबार संचालित होने का आरोप है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस संवेदनशील क्षेत्र में खुलेआम नशे की बिक्री हो रही है, जिससे धार्मिक और सामाजिक वातावरण भी प्रभावित हो रहा है। मोहल्लेवासियों के मुताबिक, रिकी और विक्की नामक युवक लंबे समय से गांजा और मेडिकल नशे का कारोबार कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इनका संबंध एक ऐसे परिवार से है, जिसके खिलाफ हाल ही में कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में नशीली सिरप जब्त की थी और एक महिला को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। गौरतलब है कि इस मामले में महिला का पति बंटी, जो पुराना अपराधी बताया जाता है, अब तक फरार है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रिकी और विक्की उसी के करीबी रिश्तेदार हैं और उसी नेटवर्क को आगे बढ़ा रहे हैं। इसके बावजूद पुलिस की पकड़ से इनका बाहर रहना कई तरह के संदेह पैदा कर रहा है। नशे के कारण मोहल्ले का माहौल लगातार बिगड़ता जा रहा है। लोग बताते हैं कि नशे में धुत युवक सड़कों पर तेज रफ्तार में वाहन चलाते हैं, महिलाओं और बच्चों के सामने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं, जिससे आम नागरिकों का घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है। सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि इस नशे के जाल में युवा वर्ग तेजी से फंसता जा रहा है। पढ़ाई-लिखाई की उम्र में युवक-युवतियां नशे की गिरफ्त में आकर अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। अभिभावकों और समाज के जिम्मेदार लोगों ने इस पर गहरी चिंता जताई है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे अवैध कारोबार पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए, आरोपियों को गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाई जाए और युवाओं को नशे से बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और पुलिस विभाग इस गंभीर मुद्दे पर कब तक संज्ञान लेते हैं या फिर यह नशे का कारोबार यूं ही फलता-फूलता रहेगा और समाज को खोखला करता रहेगा।

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