मशीनें धूल फांक रही हैं और गरीब जनता इलाज को तरस रही है -शक्ति सिंह चंदेल
Junaid Khan - शहडोल। शहडोल मेडिकल कॉलेज में करोड़ों की लागत से आई डायलिसिस मशीनों के पिछले पांच वर्षों से बंद रहने और तकनीकी स्टाफ की कमी पर आम आदमी पार्टी के मध्य प्रदेश सचिव शक्ति सिंह चंदेल ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इसे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की विफलता और विंध्य क्षेत्र की जनता के साथ क्रूर मजाक बताया है।
बयान के मुख्य बिंदु
जनता के पैसे की बर्बादी: शक्ति सिंह चंदेल ने कहा कि "यह अत्यंत शर्मनाक है कि एक तरफ सरकार स्वास्थ्य ढांचे को आधुनिक बनाने के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर शहडोल संभाग के सबसे बड़े सरकारी संस्थान में लाखों की मशीनें 'शो-पीस' बनी हुई हैं। यह सीधे तौर पर जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी और प्रशासनिक लापरवाही है।" गरीबों पर आर्थिक बोझ: उन्होंने आगे कहा कि "मेडिकल कॉलेज में सुविधा न होने के कारण गरीब मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है, जहाँ उन्हें सरकारी दर से दोगुनी फीस देनी पड़ती है। जिला अस्पताल पहले से ही भार से दबा हुआ है, जहाँ 30-35 मरीजों की डायलिसिस की क्षमता से अधिक काम हो रहा है। बिजली और पानी की कटौती से वहाँ भी मरीज परेशान हैं। नेफ्रोलॉजिस्ट की कमी पर घेरा: चंदेल जी ने सवाल उठाया कि जिले में हर महीने 700-800 मरीजों को डायलिसिस की जरूरत होती है, लेकिन यहाँ विशेषज्ञों (नेफ्रोलॉजिस्ट) की भारी कमी है। बिना विशेषज्ञ के गंभीर मरीजों का इलाज केवल एमबीबीएस डॉक्टरों के भरोसे छोड़ना उनके जीवन के साथ खिलवाड़ है।
सरकार को चेतावनी
उप-मुख्यमंत्री के आदेशों के बावजूद जमीनी स्तर पर धीमी गति (कछुआ चाल) पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने मांग की कि एक से दो सप्ताह के भीतर डायलिसिस यूनिट को पूर्ण क्षमता के साथ शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि "आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी। अगर जल्द ही विशेषज्ञों और तकनीशियनों की नियुक्ति कर सुविधा शुरू नहीं की गई, तो पार्टी जनता के हितों के लिए उग्र आंदोलन को विवश होगी।
