पत्रकार हितों की रक्षा के लिए समर्पित होकर कार्य करेंगे-उपेंद्र गौतम प्रदेशाध्यक्ष
पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग जायज-फुंदे लाल मार्को विधायक
अमरकंटक से शंखनाद के साथ हुआ पत्रकार एकता का आगाज
देश प्रदेश के 350 पत्रकारों ने की भागेदारी
अमरकंटक में पत्रकारों का दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यसमिति व प्रदेश की बैठक आयोजित
Junaid Khan - शहडोल। अमरकंटक भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ का 28 मार्च एवं 29 मार्च 2026 को दो दिवसीय 144 वीं कार्यसमिति तथा मध्य प्रदेश इकाई की बैठक माँ नर्मदा के उदगमस्थल अमरकंटक में पुष्पराजगढ़ विधायक फूंदे लाल सिंह मार्को के मुख्यातिथ्य में आयोजित हुई। जिसमें अमरकंटक नगरपालिका अध्यक्ष पार्वती सिंह अनूपपुर, भाजपा जिला अध्यक्ष हीरा सिंह श्याम,रज्जूसिंह नेताम उपाध्यक्ष नगरपरिषद अमरकंटक , शहडोल के प्रमुख पंडित शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय के प्रमुख, रामविलास शर्मा मुरैना , सत्यनारायण वैष्णव प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष ,रामगोपाल बंसल प्रदेश महासचिव , घनश्याम डंडोतिया प्रदेश कोषाध्यक्ष , राधाकृष्ण सिंहल प्रदेश उपाध्यक्ष, नलिनीकांत वाजपेई जबलपुर विशिष्टअतिथि के रूप में मौजूद रहे।राष्ट्रीय अध्यक्ष अवधेश भार्गव द्वारा राष्ट्रीय कार्यसमिति तथा प्रदेश इकाई बैठक की अध्यक्षता उपेंद्र गौतम अध्यक्ष व्दारा की गई। प्रदेश संगठन प्रभारी राहुल राणा शहडोल के नेतृत्व में कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन व पुष्प अर्पित कर किया गया। मंचासीन अतिथियों का स्वागत कार्यक्रम संयोजक राहुलसिंह राणा,कमलेश श्रीवास्तव,विजय उरमलिया,अरविंद द्विवेदी,जुनैद खान,शेलेन्द्र तिवारी,राजनारायण द्विवेदी, अनिल द्विवेदी मनोज सिंह अजयपाल , गणेश केवट जितेंद्र विश्वकर्मा श्रवण कुमार उपाध्याय , सुनीता सिंह, व उनकी टीम द्वारा अंगवस्त्र पहनाकर व बैज लगाकर किया गया। अतिथियों का स्वागत पी. रामकृष्णन आंध्रप्रदेश,रमेश गांधी राजस्थान,दिलीप शाह राजस्थान,श्याम नाथ व अनमोल कुमार बिहार,गिरजाशंकर उत्तरप्रदेश,सुनील थपलियाल सुलोचना पयल उत्तराखंड भरत जी व चन्द्रहाश दमोलकर गोआ,गिरिराज बंजरिया अगर मालवा,राजेन्द्र जोशी मनासा , हितेश मावलंकर मुंबई,भगवान भारद्वाज दिल्ली,अब्दुल शकूर आन्ध्रप्रदेश,अभिषेक जैन व कृष्णानंद शास्त्री ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक फुंदे लाल मार्को ने सम्मेलन में सभी राज्यों से पधारे पत्रकारों का स्वागत करते हुए कहा कि पत्रकार सुरक्षा कानून और पत्रकारों के जीविकोपार्जन,स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने व मीडिया काउंसिल के गठन की मांग को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से पूर्ण कराने का आश्वाशन दिया। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अवधेश भार्गव ने मीडिया काउंसिल के गठन,पत्रकार सुरक्षा कानून एवं पत्रकारों को कल्याणकारी योजनाओं स्वास्थ्य सुरक्षा और अधिमान्य पत्रकारों के लिए शैक्षणिक योग्यता की बाध्यता समाप्त करने और पत्रकार पेंशन योजना को सरल बनाने का प्रस्ताव रखा जिसे सर्वसम्मति से करतल ध्वनि से पारित किया गया।मध्यप्रदेश के अध्यक्ष उपेन्द्र गौतम ने अपने उदबोधन में कहाकि भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ देश का पहला ट्रेड यूनियन से रजिस्टर्ड पत्रकार संगठन है जिसकी स्थापना 1950 में हुई तभी से यह संगठन पत्रकारों के हित में कार्य कर रहा है।उन्होंने कहा कि अब मध्यप्रदेश में तेजी से संगठन का विस्तार किया जा रहा है।संगठन प्रदेश के पत्रकारों के हित में शासन द्वारा जारी योजनाओं का लाभ पत्रकारों को दिलाने का काम करेगा। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एस एन श्यामनबिहार,गुलबहार गौरी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उत्तराखंड,रमेश गांधी राजस्थान,इरशाद खान राष्ट्रीय महासचिव , अनमोल कुमार अध्यक्ष बिहार,हितेश मलनकर महाराष्ट्र,भरत बेतकेकर गोआ,दीपक कलवड़े महाराष्ट्र,सुश्री सुलोचना पयल उत्तराखंड स्वामी जगदिशानंद विनोद कारकेय ने अपने विचार व्यक्त किये। अतिथियों का स्वागत राहुल सिंह राणा ने किया। इससे पूर्व शहडोल में 5 किलोमीटर विशाल ऐतिहासिक वाहन रैली निकाली गई है। राष्ट्रीय एवं प्रदेश अध्यक्ष सहित सभी पदाधिकारियों का 5 ब्लॉकों बुड़ार, धनपुरी,अमलाई, बरगवा में पत्रकार गण व्दारा स्वागत किया गया।
अमरकंटक राष्ट्रीय अधिवेशन में पत्रकारों को सौंपे दायित्व
इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट के 144 वीं राष्ट्रीय कार्यसमिति तथा प्रदेश इकाई की बैठक में महासंघ को सांगठनिक सुदृढ़ करने के लिए सक्रिय व निष्ठावान पत्रकार साथियों को नवीन दायित्व सोंप दिये गये हैं। राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर पर किए गए मनोनयन से संगठन में नई ऊर्जा का संचार होगा। नवीन दायित्व के तहत केंद्रीय अनुशासन समिति में सुनील थपरियाल उत्तराखंड, अध्यक्ष एवं अशोक शर्मा अशोक नगर मध्यप्रदेश, गिरिजाशंकर राय झांसी उत्तर प्रदेश सदस्य बनाए गए ,वही राष्ट्रीय पार्षद ( कार्यसमिति)के लिए मुरैना से रामविलास शर्मा प्रधान संपादक चंबल सुर्खी, कमलेश श्रीवास्तव ,गोपालदास बंसल, मनोज सिंह, लुकमान अली, अनिल द्विवेदी शहडोल ,रामबाबू चौबे अनूपपुर को राष्ट्रीय अध्यक्ष अवधेश भार्गव ने प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र गौतम के प्रस्ताव पर नामांकित किया। वही प्रदेश में संगठन विस्तार करते हुए प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र गौतम ने प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष पद पर राजगढ़ के पत्रकार सत्यनारायण वैष्णव , शहडोल के अरविंद द्विवेदी, प्रदेश उपाध्यक्ष पद पर राधाकृष्ण सिंहल मुरैना , शहडोल के राहुल सिंह राणा को प्रदेश संगठन प्रभारी, अशोक नगर के कुमार संभव , शहडोल से जुनैद खान, राजगढ़ से घनश्याम शर्मा को प्रदेश सचिव,एवं कैलारस के रोशनलाल गुप्ता प्रदेश कार्य समिति सदस्य में मनोनीत किए जाने की घोषणा की , सभी मनोनीत पदाधिकारियों का राष्ट्रीय अध्यक्ष अवधेश भार्गव तथा प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र गौतम ने मंच पर अंग वस्त्र पहनाकर स्वागत किया।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा 15 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन
इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट की मध्यप्रदेश इकाई मध्य भारत वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन द्वारा पत्रकार हित में 15 सूत्रीय ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम विधायक फुन्देलाल मार्को को सौंपा गया।जिसमें निम्न मांग रखी गई।
1) मध्यप्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू कर दिनरात कार्य करने वाले पत्रकारगणों को सुरक्षा प्रदान की जावे।
2) इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट की को मध्यप्रदेश इकाई म.प्र. वर्किंग जर्नलिस्ट को राजधानी भोपाल के मालवीय नगर में पत्रकार भवन हेतु आवंटित भूमि पर एक पत्रकार भवन का निर्माण कराकर संघ की प्रदेश इकाई को संचालन हेतु सौंपा जावे।
3) प्रदेश के गांव-गांव से मुख्यालय पर आवागमन करने वाले ग्रामीण पत्रकार को अनेक समस्याओं का निदान करने हेतु प्रत्येक जिला मुख्यालय पर पत्रकार भवन निर्माण हेतु निःशुल्क भूमि आवंटित करने के साथ भवन निर्माण के लिये राशि प्रदान की जावे।
4) प्रदेश के सभी राजकीय व राष्ट्रीय टोल नाकों पर निःशुल्क आवागमन की सुविधा प्रदान की जावे।
5) प्रदेश के पत्रकारों को आयुष्मान योजना से जोडकर लाभान्वित किया जावे। ताकि स्वास्थ्य खराब होने पर वह अपना समुचित इलाज करा सके।
6) प्रदेश में कई वर्षों से जनसम्पर्क संचालनालय द्वारा अधिमान्यता एवं कल्याण समितियां नहीं बनाई गई हे। इस कारण पत्रकारों को अधिमान्यता प्राप्त नहीं हो पा रही है। वहीं अनेक योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल रहा है। इसलिये नवीन अधिमान्यता समितियां बनाई जाकर इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट की प्रदेश इकाई मध्य भारत वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के सदस्यगण को शामिल किया जाए।
7) प्रदेश में अधिकांश पत्रकार स्वयं का आवास न होने के कारण किराये के आवास में जीवन यापन करने को मजबूर है। यह स्थिति प्रदेश के सभी संभाग, जिला व तहसील स्तर पर अत्यधिक विषम है। पत्रकारगण को स्वयं का आवास निर्मित करने के लिये प्रदेश के सभी संभाग जिला व तहसील स्तर पर रियायती दरों पर भूखण्ड दिए जाएं।
8) प्रदेश के आवास हीन पत्रकारों को शासकीय योजनाओं के तहत निर्मित आवास के लिये पात्र बनाकर गांव से शहर तक अधिमान्य पत्रकारों को शासकीय आवास रियायती दर पर प्रदान किया जावे।
9) देश व प्रदेश के सभी अधिमान्य पत्रकारगण को लगभग 7 वर्ष पूर्व तक रेल यात्रा किराया में 50 प्रतिशत की रियायत केन्द्र सरकार द्वारा प्रदाय की जाती थी। इसके बंद होने से पत्रकारगण को रेल में आवागमन करने पर अत्यधिक आर्थिक भार वहन करना पड़ रहा है। इस सुविधा को पुनः आरंभ कराने के लिये माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी से आप व सरकार द्वारा पत्रकारगण का सहयोग किया जावे।
10) रेल यात्रा के लिये आरक्षण प्रक्रिया में पत्रकार कोटा लागू किये जाने हेतु भारत सरकार के रेल मंत्रालय तथा रेलवे बोर्ड से अनुशंसा कर सुविधा प्रदान कराने में सहयोग किया जावे।
11) प्रदेश में सरकार व शासन की योजनाओं का बेहतर प्रचार-प्रसार तथा जन समस्याओं को उचित मंच पर उठाने हेतु पत्रकारों को पूर्ण योग्य बनाने के लिये जिला मुख्यालय पर प्रति तीन माह में एक कार्यशाला का आयोजन जनसम्पर्क संचालनालय द्वारा कराया जावे।
12) प्रदेश में पत्रकारों की दयनीय आर्थिक स्थिति से राहत दिलाने के लिये आर्थिक सहायता की योजना लागू करने के लिये पत्रकार कल्याण बोर्ड की स्थापना की जाए। इसमें शासन के साथ-साथ इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट की मध्यप्रदेश इकाई म.प्र. वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के सदस्यों को बोर्ड सदस्य के रूप में नामांकित किया जावे।
13) प्रदेश में बड़े समाचार पत्र के साथ-साथ शासन की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने में लघु तथा मध्यम समाचार पत्रों की भूमिका अत्यधिक महत्वूपर्ण है। इसके विपरीत बड़े समाचार पत्र तथा बड़े टीवी न्यूज चैनल को ही जनसम्पर्क संचालनालय द्वारा विज्ञापन के रूप में अत्यधिक आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाता है। इसमें लघु एवं मध्यम समाचार पत्र एवं छोटे न्यूज चैनल को आर्थिक परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। इस हेतु नवीन विज्ञापन नीति बनाई जाकर लघु एवं मध्यम समाचार पत्रों एवं छोटे न्यूज चैनलों को अधिक से अधिक विज्ञापन प्रदाय किये जावे।
14) प्रदेश के सभी जिला एवं तहसील मुख्यालय पर प्रशासन तथा पत्रकारों के बीच उत्पन्न समस्याओं का निराकरण करने के लिये समन्वय समितियों का गठन किया जावे।
15) प्रदेश में पत्रकारों के नाम पर अनेक संगठन संचालित किये जा रहे हैं। इन संगठनों की सदस्यता की जांच कराई जाय क्योंकि कुछ संगठन ऐसे हैं जो पत्रकारों के नाम पर धन उगाई तो करते ही हैं फर्जी व त्यौहारी पत्रकारों का संरक्षण कर लोगों को परेशान भी करते है इससे पत्रकारिता का पवित्र मिशन बदनाम हो रहा है। ऐसे संगठनों की जांच कराने का कष्ट करें और उनके पंजीयन निरस्त करवाएं ताकि समाज में भय का वातावरण समाप्त हो। आजकल पत्रकारों के नाम पर पत्रकार संगठनों में विभिन्न माफियाओं का कब्जा हो रहा है, जिनका पत्रकारिता से दूर-दूर तक नाता नही है। केवल पैसा ही उनकी योग्यता है। जैसे सत्ता, संगठन पर ऐसी ताकतें हावी होती जा रही हैं यही हालत अब पत्रकार संगठनों की हो गई है, शासन को ऐसे पत्रकार संगठनों की जांच करना चाहिए। इनके द्वारा लिये जाने वाले चंदे की भी जांच होनी चाहिए। ताकि पत्रकार और पत्रकार संगठनों की वास्तविकता का पता लग सके।








